अमर उजाला संवाद: सुरेश रैना- इरफान पठान के गीतों ने संवाद को बना दिया सुरों का अद्भुत मंच

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Amar Ujala samvad: Suresh Raina and Irfan Pathan songs made samvad wonderful platform of songs

Amar Ujala Samvad 2023
– फोटो : अमर उजाला

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मौसम बदलने के साथ ही वीरवार को जम्मू से लेकर कश्मीर का माहौल भी बदल गया। देर रात से रुक-रुक जारी बारिश ने जहां ठिठुरन बढ़ा दी, वहीं कैनाल रोड के पास कन्वेंशन सेंटर में ज्ञान और मनोरंजन की बूंदाबांदी से पूरे वातावरण में जोश व उत्साह भर गया। सही मायनों में कहे तो इंद्रदेव ने हर उस शख्सियत का स्वागत किया, जो बदलते जम्मू-कश्मीर को और आगे ले जाने के लिए पहुंचा था। मौका था अमर उजाला संवाद कार्यक्रम का।

सुबह साढ़े 9 बजे ही प्रदेश का सबसे बड़ा मंच सज गया। जैसे-जैसे बादल बरसते गए वैसे ही लोगों व गणमान्यों की आवाजाही बढ़ती गई। कुछ ही पल में पूरा केंद्र स्कूली बच्चों, शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों, अभिभावकों समेत प्रबुद्ध लोगों से खचाखच भर गया। दीप प्रज्जवल के बाद सभागार में पहला सत्र शुरू हुआ। मास्टर कार्ड व भारत पे के चेयरमैन तथा एसबीआई के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार ने वित्तीय जगत से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कर करियर की संभावनाओं पर विद्यार्थियों का विशेष मार्गदर्शन किया। 11 बजकर 26 मिनट तक उन्होंने स्टार्टअप, आइडियाज और बैंकिंग क्षेत्र पर विचार रखे।

 

दो मिनट बाद दूसरे सत्र में पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इरफान पठान और सुरेश रैना के पहुंचते ही पूरी सभा तालियां से गूंज उठी। चेहरों पर मुस्कान की तस्वीर क्रिकेटरों के दिल में बैठ गई। विद्यार्थियों ने राशिद खान के साथ डांस का एक व्यंग्य छेड़ दिया। इस पर पठान ने बच्चों को मंच पर आमंत्रित कर उनके साथ खूब मजा किया। 

साथ ही दोनों महान खिलाड़ियों ने चौदवी का चांद और दो दिल मिल रहे हैं… गीत सुनाकर सभा में जोश का प्रसार कर दिया। अतिथि भी गीत की लाइनों में डूबे हुए नजर आए। बिना म्यूजिक के बच्चों ने दोनों खिलाड़ियों का साथ दिया। इससे सुरों का अद्भुत मंच संवाद बन गया। रैना का मजाकिया अंदाज और बीच-बीच में माइक बंद कर पठान का माइक पकड़ना दोस्ती की मिसाल पैदा कर गया। पठान ने संवाद में साफ कर दिया है कि बिरायनी के शौकीन रैना के फैसलों के साथ हमेशा रहेंगे। 

एक सवाल पर रैना बोले- अगर क्रिकेटर नहीं होता तो मास्टर शेफ बनता। पठान ने कश्मीर की यादों को तरोताजा कर दिया। दोपहर सवा 12 बजे संवाद खत्म करते जब दोनों धुरंधर जाने लगे तो बच्चों में सेल्फी लेने का क्रेज सिर चढ़कर बोल उठा। उनके पीछे-पीछे तेज दौड़ लगाते हुए मुख्य प्रवेश द्वार से बच्चे गए और मौका मिलने पर मोबाइल में अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के साथ बिताए खास पलों को कैद कर लिया। ज्यादातर बच्चों ने मौके पर ही सोशल मीडिया पर खुशियों को अपलोड कर दिया।

तीसरे सत्र का आगाज पैरा आर्चर व एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट शीतल कुमारी और राकेश कुमार से हुआ। 16 साल की पैरा तीरंदाज शीतल के हौसले और उनके जज्बे की दास्तां सुन कर सभा में उम्मीदों की किरण ज्वलित हो उठी। सन्नाटे के बीच बच्चों ने शीतल को प्रेरणास्रोत बताते हुए कभी भी पीछे नहीं हटने का प्रण लिया। राकेश कुमार की उपलब्धियों से सीख लेकर हार न मानने की ठानी। इसके साथ ही शीतल के साथ फोटो सेशन शुरू हो गया। बारी-बारी बच्चों के साथ बड़ों ने भी सेल्फी ली। करीब 1 बजे चौथे सत्र में एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टीजी सीताराम ने शिक्षा के क्षेत्र में विकास पर बात की। 

इसके लिए सरकार की मुहिमों का भी जिक्र किया। उनके साथ सवालों का सत्र भी हुआ। बच्चों से लेकर बड़ों ने पांच प्रश्न किए जिसका जवाब देकर सीताराम ने उनकी जिज्ञासा को शांत किया। इस सत्र से बच्चों का बेहतर मार्ग का विकल्प मिला।



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