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नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला
– फोटो : बासित जरगर
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विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद उमर अब्दुल्ला ने इंडिया गठबंधन को लेकर कहा कि इंडिया गठबंधन के नतीजों को देखते हुए अगर भविष्य में स्थिति ऐसी ही रही, तो विपक्षी गठबंधन जीतने में सक्षम नहीं होगा। अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य चुनाव में कांग्रेस के दावे उलट साबित हुए क्योंकि पार्टी केवल तेलंगाना में ही जीत हासिल कर पाई।
उमर ने कहा, ‘भाजपा को बधाई दी जानी चाहिए क्योंकि हमें इस नतीजे की उम्मीद नहीं थी। हम अपने सहयोगियों से सुन रहे थे कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस आसानी से सत्ता में आ जाएगी, वे मध्य प्रदेश में भी जीत हासिल करेंगे, वे तेलंगाना में आश्वस्त थे और वे यहां तक कह रहे थे आखिर में वे राजस्थान में भी विजयी होंगे। जब नतीजे आए, तो केवल तेलंगाना में उनका दावा सही साबित हुआ। न तो वे छत्तीसगढ़ को बचा सके, न मध्य प्रदेश को जीत सके और न ही राजस्थान में दोबारा जीत हासिल कर सके।”
मध्य प्रदेश में बीजेपी के पैर जमाने के बारे में बोलते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘अगर आप मध्य प्रदेश को देखें तो कमल नाथ बहुत कम समय के लिए मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उसे छोड़ दें तो करीब 20 साल तक बीजेपी सत्ता में रही। ये बीजेपी का पांचवां कार्यकाल है। यह बहुत बड़ा है।”
इंडिया गठबंधन के भविष्य पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष ने कहा, “6 दिसंबर को, कांग्रेस प्रमुख ने कुछ इंडिया गठबंधन नेताओं को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने तीन महीने बाद इंडिया गठबंधन को याद किया।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोलते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस को अपने इंडिया ब्लॉक पार्टनर समाजवादी पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए कुछ सीटें देनी चाहिए थीं। “या तो कांग्रेस मध्य प्रदेश में जमीनी हालात को समझ नहीं पाई है। अगर उन्होंने अखिलेश यादव को 5-7 सीटें दे दी होती तो क्या नुकसान हो सकता था। क्या तूफान आ सकता था? अब उन्होंने क्या जीता? नतीजे सामने हैं।”
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी राज्य विधानसभा चुनावों में इंडिया ब्लॉक के साथ चुनाव लड़ेगी, अब्दुल्ला ने कहा, “एनसी अपने दम पर खड़ी होगी।” रुझानों के मुताबिक, कांग्रेस तेलंगाना में अपनी पकड़ मजबूत करने में सफल रही है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी जीतती दिख रही है।
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