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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डॉ भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके अस्थिकलश स्थल का जायजा लिया और उनकी प्रतिमा पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में अविस्मरणीय योगदान देने वाले बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का पूरा जीवन लोकतंत्र की जीवंत पाठशाला है। संविधान शिल्पी, ‘भारत रत्न’ बाबा साहब का हर कार्य, हर निर्णय ‘अंत्योदय’ को समर्पित था। ऐसे हुतात्मा को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि!
आधुनिक भारत के निर्माण में अविस्मरणीय योगदान देने वाले बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का पूरा जीवन लोकतंत्र की जीवंत पाठशाला है।
संविधान शिल्पी, ‘भारत रत्न’ बाबा साहब का हर कार्य, हर निर्णय ‘अंत्योदय’ को समर्पित था।
ऐसे हुतात्मा को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि! pic.twitter.com/9B86kcjN6z
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 6, 2023
इस मौके पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतन्त्र प्रभार असीम अरुण और आंबेडकर महासभा के लालजी निर्मल भी मौजूद थे।
लालजी निर्मल ने कहा कि आज पूरी दुनिया में डॉ. आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस मनाया जा रहा है। महासभा भी 32 साल से आयोजन कर रही है। महासभा दलितों की लाइफ लाइन है। महासभा के मंच से ही पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की गई थी। इसी मंच से हरिजन शब्द प्रतिबंधित किया गया था। कुशीनगर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगनी थी लेकिन अखिलेश यादव ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
आंबेडकर स्मारक को लीज पर दिया जाए
लालजी निर्मल ने कहा कि अनुसूचित जाति की सूची में समय-समय पर कुछ जातियों को शामिल किया जाता है। उस पर आपत्ति नहीं हैं जिन जातियों को शामिल किया जाता है उससे पहले यह ध्यान दिया जाए कि क्या वह जाति छुआछूत का शिकार रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में बन रहे आंबेडकर स्मारक को लीज पर आंबेडकर महासभा को दे दिया जाए।
राजस्थान में योगी जैसा सीएम ढूंढा जा रहा है
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आज हम सबके लिए बाबा साहब के जीवन से प्रेरणा लेने का दिन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संकल्प लिया है कि यूपी को विकसित राष्ट्र की तरह बनाना है। राजस्थान में योगी जैसा सीएम ढूंढा जा रहा है यह हमारे लिए गौरव की बात है। वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए हर घर की आय को तीन से चार गुना बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने वोट का अधिकार दिया है।
उन्होंने कहा कि अक्सर यह गलती होती है कि बाबा साहब को सामाजिक न्याय का पुरोधा बताया जाता है लेकिन बाबा साहब ने श्रमिक कल्याण के लिए भी बहुत काम किया। अखिलेश यादव बाबा साहब से माफ़ी मांगें। माफी मिलने के बाद जय भीम का नारा लगाने की बात सोचें। जब अखिलेश को ताकत मिली तो उन्होंने दलित वर्ग के लिए क्या किया। बाबा साहब से प्रेरणा मिलती है कि हम सदैव छात्र बनकर सीखते रहे। बाबा साहब सही मायने ने विश्व गुरु थे।
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