Solan MC Election: कांग्रेस के सरदार सिंह हारे, पार्टी के नाराज धड़े की ऊषा बनीं मेयर

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Municipal Corporation Solan: Congress's Usha Sharma became mayor, BJP's Meera Anand became deputy mayor.

ऊषा शर्मा महापौर, मीरा आनंद उपमहापौर बनीं
– फोटो : संवाद

विस्तार


नगर निगम सोलन के महापौर पद पर कांग्रेस के नाराज गुट की ऊषा शर्मा ने बाजी मार ली, जबकि उपमहापौर पद पर भाजपा की मीरा आनंद ने जीत दर्ज की। ऊषा शर्मा ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी सरदार सिंह को 5 मतों से हराया, जबकि उपमहापौर मीरा आनंद ने कांग्रेस की संगीता शर्मा को 6 मतों से पराजित किया। मेयर पद के लिए कुल 17 मतों में से ऊषा शर्मा को 11 वोट मिले, जबकि सरदार सिंह को 6 मत मिले।

वहीं उपमहापौर पद पर जीतीं भाजपा की मीरा आनंद को 12, जबकि संगीता को 5 वोट मिले। चुनाव के बाद अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव ने महापौर-उपमहापौर को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले नगर निगम सभागार में दोपहर बाद 3:00 बजे चुनाव प्रक्रिया शुरू होकर दो घंटे तक चली। चुनाव के दौरान सबसे पहले महापौर पद के लिए तीन प्रत्याशी दिए गए। इनमें कांग्रेस ने सरदार सिंह, भाजपा ने सुषमा शर्मा को उतारा। वहीं कांग्रेस के नाराज धड़े की ऊषा शर्मा ने बागी होकर पर्चा दायर किया। उसके बाद भाजपा ने अपने प्रत्याशी का नाम चुनाव से वापस ले लिया। वहीं उपमहापौर चुनाव पर दो ही प्रत्याशियों के बीच जंग थी।

कांग्रेस के दोनों अधिकृत प्रत्याशी हारेकांग्रेस पार्टी ने जिन दो प्रत्याशियों के नाम नगर निगम के महापौर और उपमहापौर पद के लिए दिए थे, वह दोनों प्रत्याशी हार गए। इसमें कहीं न कहीं कांग्रेस की अंतर्कलह भी खुलकर सामने आ गई है। जबकि इससे पहले कांग्रेस का दोनों पदों पर कब्जा था। गुटबाजी के चलते कांग्रेस के हाथ से गई उपमहापौर की सीटनगर निगम में कांग्रेस की गुटबाजी के चलते उपमहापौर की सीट से कांग्रेस को हाथ धोना पड़ा। इससे पहले कांग्रेस का प्रत्याशी ही उपमहापौर पद पर था। जबकि इस बार कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई थी और उसका नुकसान उन्हें उपमहापौर सीट गंवाकर करना पड़ा।

डॉ. शांडिल ने भी किया मत का इस्तेमाल

नगर निगम सोलन में कुल 17 पार्षद हैं। इसमें भाजपा के एक पार्षद कुलभूषण निजी कारणों के चलते चुनाव में शामिल नहीं हो पाए। जबकि स्वास्थ्य मंत्री डॉ धनीराम शांडिल ने चुनाव प्रक्रिया में भाग लिया और अपने मत का भी प्रयोग किया। मगर उनका मत काम नहीं आया। हालांकि शांडिल ने पहले बयान दिया था कि जरूरत पड़ने पर ही वह अपने मत का इस्तेमाल करेंगे।

भाजपा ने पहले ही कर दी नारेबाजी

चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के कुछ देर बाद ही भाजपा ने नगर निगम परिसर में पहले ही नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 10 मिनट बाद विजेता प्रत्याशी बाहर निकले, उसके बाद वहां पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने-अपने प्रत्याशियों समर्थन में नारेबाजी की। वहीं महापौर ऊषा शर्मा सीधे अपने कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कुर्सी को प्रणामकर सीट संभाल ली।

न्याय की जीत हुई : ऊषा शर्मा

नवनिर्वाचित महापौर ऊषा शर्मा ने कहा कि न्याय की जीत हुई है। वह कई सालों से पार्टी के लिए काम कर रही थीं, मगर मेयर बनने के लिए उन्हें अपनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि अब वह कांग्रेस की प्रत्याशी हैं और शहर के विकास के लिए मिलकर कार्य करेंगी। वहीं उपमहापौर मीरा आनंद ने कहा कि वह शहर के विकास के लिए काम करेंगी।

सभी ने अपना काम किया : डॉ. शांडिल

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि इसमें मतदाता ही प्रत्याशी की जीत तय करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों ने अपना काम किया। दावा किया कि मेयर पद पर कांग्रेस की ही जीत हुई है। उन्होंने अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मेयर का चुनाव लड़ने वाली पार्षद को पार्टी से निष्कासित करने के सवाल पर कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।

कांग्रेस पार्षदों को भी भाजपा की नीतियों में विश्वास, जीत ऐतिहासिक : डॉ. बिंदल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा है कि सोलन नगर निगम में भाजपा की जीत ऐतिहासिक है। जब कांग्रेस के एक धड़े ने स्वयं ही भारतीय जनता पार्टी को वोट डाल दिया तो इससे साफ दिखता है कि कांग्रेस के पार्षदों को भी भाजपा की नीतियों में विश्वास है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और नगर निगम सोलन के पर्यवेक्षक संजीव कटवाल ने कहा है कि चुनावी हार कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।

कांग्रेस ने कभी सपने में नहीं सोचा था कि इस प्रकार से सोलन में डिप्टी मेयर के पद पर उनको हार देखनी पड़ेगी। सत्ता में बैठने के बावजूद और सभी हथकंडों को अपनाने के बाद भी कांग्रेस पार्टी इस पद को नहीं बचा पाई है। इससे साफ प्रतीत होता है कि कांग्रेस का अंतर्कलह अब बाहर आ गया है। भाजपा प्रवक्ता विवेक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस चाहे जितना मर्जी दम लगा ले, पर उनकी किसी भी प्रकार की छल-कपट की राजनीति नहीं चलेगी। कांग्रेस पार्टी के दो मंत्री बाहर से आए और एक मंत्री स्वयं इसी शहर से था।

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