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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी और देश का सबसे लंबा शिमला रोपवे प्रोजेक्ट पांच साल बाद 2029 में बनकर तैयार होगा। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में पत्रकार वार्ता के दौरान प्रोजेक्ट को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस रोपवे से हर कोई बस किराये पर सफर कर पाएगा। 1,555 करोड़ से बनने वाला यह रोपवे 13.79 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 13 स्टेशन होंगे। पूरी तरह तैयार होने के बाद रोपवे में 660 केबिन लगेंगे और 2 से 3 मिनट की फ्रीक्वेंसी पर केबिन उपलब्ध होगा। मैट्रो ट्रेन की तर्ज पर इसमें रेड, ग्रीन और ब्लू लाइन होंगी। अपने गंतव्य के आधार पर लोग इंटरचेंज कर पाएंगे।
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद राजधानी शिमला को ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। अगले 40 साल की चुनौतियों के मद्देनजर इसका निर्माण होगा।उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह रोपवे देश का सबसे लंबा और दुनिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा। साउथ अमेरिका में 32 किलोमीटर लंबाई वाला अब तक का दुनिया का सबसे लंबा रोपवे है। मुकेश ने बताया कि रोपवे के निर्माण के लिए 31 मार्च से पहले इसके ग्लोबल टेंडर कर दिए जाएंगे और अगले साल अक्तूबर तक सभी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू हो जाएगा। ढाई साल में प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा कर 250 केबिन के साथ इसका संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। चीन के न्यू डेवलपमेंट बैंक की वित्तीय मदद से प्रोजेक्ट पर काम होगा। प्रोजेक्ट में करीब 250 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
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