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डिंपल पांजटा को मिलिनियर फार्मर अवार्ड
– फोटो : संवाद
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए शिमला के बागवान डिंपल पांजटा को मिलिनियर फार्मर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। आईसीएआर मुख्यालय दिल्ली में कार्यक्रम के दौरान उन्हें सम्मानित किया गया। डिंपल पांजटा मूलत: रोहड़ू के बराल गांव के रहने वाले हैं। मौजूदा समय में डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्योनिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के सदस्य और हिमालयन सोसायटी फॉर हॉर्टिकल्चर एंड एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के अध्यक्ष हैं। साल 2017 में इन्हें हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग की ओर से उत्कृष्ट कृषक सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। डिंपल पांजटा ने यह सम्मान सभी बागवानों को समर्पित किया है।
फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में मीना चंदेल को राष्ट्रीय पुरस्कार
वहीं, उपमंडल झंडूता के बैरी दड़ोला गांव की मीना चंदेल को फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के समारोह में दिया गया। शुक्रवार को इस समारोह का समापन पर केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला शामिल हुए। तीन दिन तक चले इस समारोह में देश के विभिन्न भागों से आए हुए हजारों किसानों ने भाग लिया।
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