Gogamedi Murder Case: हत्या के पीछे की वजह आई सामने, शूटरों ने दागीं थी 28 गोलियां; इस बात का लिया बदला

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Delhi Police handed over all three accused of Gogamedi murder case to Jaipur Police

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल की वर्ष 2017 में मुठभेड़ में हुई मौत के बाद राजपूतों ने प्रदर्शन किया था। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी इस प्रदर्शन में बीच में हट गए थे। प्रदर्शन में से बीच में से हटना ही गोगामेड़ी की हत्या का कारण बन गया। इस कारण ही रोहित गोदारा ने अध्यक्ष की हत्या करवाई है। दूसरा, शूटर रोहित राठौड़ के खिलाफ गोगामेड़ी ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया था। इस बात का रोहित राठौड़ बदला लेना चाहता था। ऐसे में रोहित ने नितिन फौजी को साथ लेकर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की उसके घर में ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। दिल्ली पुलिस ने दोनों शूटर समेत तीनों आरोपियों को जयपुर, राजस्थान पुलिस के हवाले कर दिया।

प्रदर्शन में से हट गए थे गोगामेड़ी

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि विदेश में बैठे रोहित गोदारा ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करवाई है। मुठभेड़ में आंनदपाल की मौत के बाद राजपूतों ने राजस्थान में प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में से गोगामेड़ी बीच में से हट गए थे। ऐसे में रोहित गोदारा को लगा कि गोगामेड़ी ने साथ नहीं दिया है। इसके अलावा गोगामेड़ी जबरन उगाही में भी टांग अड़ाता था। दूसरा रोहत राठौड़ वर्ष 2017 में 16 वर्ष की लड़की को भगाकर ले गया था। इसरोहित राठौड़ के खिलाफ दुष्कर्म का पर सुखदेव गोगामेड़ी ने मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में रोहित राठौड़ गिरफ्तार हुआ था। रोहित राठौड़ इसका बदला लेना चाहता था। 

एक पिस्तौल से 13 व दूसरी से 15 गोलियां चलीं

पुलिस अधिकारियों ने विदेश में बैठे रोहित गोदारा ने चुरू, राजस्थान के गैंगस्टर वीरेंद्र चारण को गोगामेड़ी की हत्या करने के लिए बोला था। वीरेंद्र चारण ने इसका जिम्मा रोहित राठौड़ और नितिन त्यागी को सौंपा। इन दोनों ने सुखदेव गोगामेड़ी की उसके घर में घुसकर हत्या कर दी थी। ये तीन पिस्तौल लेकर गए। शूटरों ने दोनों की पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। एक पिस्तौल से 13 व दूसरी से 15 गोलियां चलीं थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दोनों शूटर रोहित व नितिन फौजी व शरण देने वाले उधम को सेक्टर-22, चंडीगढ़ के एक होटल से गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से मोबाइल बरामद कर लिए गए हैं। हालांकि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद नहीं किए गए थे। 

दिल्ली पुलिस शूटर को जयपुर छोड़कर आई

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों शूटर रोहित राठौड़, नितिन फौजी व शरण देने वाले उधम सिंह को चंड़ीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एसीपी उमेश बड़थ्वाल व इंस्पेक्टर राकेश शर्मा की देखरेख में एसआई अनुज, अमित व एएसआई अशोक दहिया की टीम ने राजस्थान पुलिस के साथ गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने नितिन फौजी को चंडीगढ़ में जयपुर पुलिस के हवाले हथियारों की बरामदगी के लिए कर दिया था। जबकि रोहित व उधम को दिल्ली लाया गया। इसके बाद इंस्पेक्टर राकेश शर्मा की टीम दोनों को दिल्ली से जयपुर ले गई और वहां जयपुर पुलिस के हवाले कर दिया। 

वारदात के बाद शूटर ऐसे भागने में हुए कामयाब

गोगामेड़ी की हत्या करने के बाद शूटरों ने एक राहगीर से स्कूटी छीनी थी। आगे जाकर शूटरों ने स्कूटी साइड में खड़ी कर दी थी। इसके बाद ये अजमेर बाईपास से बस लेकर नागौर पहुंचे। नागौर से ये डीडवाना पहुंचे। यहां से धारूहेड़ा गए। इसके बाद रेवाडी। रेवाड़ी से ये ट्रेन से हिसार पहुंचे। हिसार में इनकी मुलाकात उधमसिंह से हुई थी। उधम सिंह ने नितिन फौजी के साथ फौज में जाने की तैयारी की थी। इस कारण वह नितिन फौजी उधम सिंह को जानता था। यहां से टैक्सी से मनाली पहुंचे। फिर से मलाना गए और यहां एक दिन रूके। इसके बाद ये चंडीगढ़ आ गए। चंडीगढ़ में ये होटल में फर्जी आईडी से रूके थे। फर्जी आईडी उधम सिंह ने बनवाई थी। आरोपी कई जगह सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं। 

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