Shimla: पूर्व महिला पार्षद सहित तीन लोगों के खातों से 2.39 लाख रुपये साफ

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राजधानी शिमला में नगर निगम की पूर्व भाजपा महिला पार्षद सहित तीन लोगों के साथ 2.39 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। साइबर ठग पार्षद को 60,000 रुपये का चूना लगा गए। शिकायत पर छोटा शिमला थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक बीते दिन पार्षद को फेसबुक मैसेंजर पर एक मेसेज मिला। एक दोस्त ने उनके गूगल खाते में 20,000 रुपये पैसे डालने का आश्वासन दिया। कहा कि पैसे प्राप्त करने के लिए सुरक्षा के तौर पर 5 रुपये ट्रांसफर करने होंगे। इसके बाद पार्षद ने उसके बताए खाते पर पांच रुपये का लेनदेन किया।

इस बीच पार्षद के एसबीआई के खाते से पहली बार में 19,995 और दूसरी बार में 39,995 रुपये की निकासी हो गई। पार्षद कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही शातिर उसे हजारों रुपये का चूना लगा गए। फिलहाल, साइबर और छोटा शिमला थाना पुलिस आईटी एक्ट के तहत मामले की जांच में जुटी है। इधर, पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक ऑनलाइन ठगी के पीछे साइबर ठग गिरोह काम कर रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द की शातिर पुलिस गिरफ्त में हाेंगे।

डेबिट कार्ड लेनदेन के बारे में पूछा और 78,938 रुपये उड़ा लिए
पुलिस थाना सदर में भी महिला और एक अन्य व्यक्ति ठगी का शिकार हुआ है। पहला मामला लक्कड़ बाजार क्षेत्र में पेश आया। इंदु स्वरूप को फोन कर शातिर ने बताया कि वह निजी बैंक से बोल रहा है। उसने डेबिट कार्ड लेनदेन के संबंध में महिला से पूछा और कुछ देर बाद महिला के खाते से 21,458 और 57,480 रुपये की निकासी हो गई।

गूगल पे से एक रुपया भेजा और खाते से हो गई 99,999 की निकासी
जाखू निवासी शिकायतकर्ता जतिंद्र मोहन कंवर ने बताया कि उसने किरायेदार के लिए विज्ञापन दिया था। इस बीच कमरा किराये पर रखने के लिए उसे एक व्यक्ति का फोन आया। कहा कि एडवांस पैसे के लिए गूगल पे के माध्यम से उसके नंबर पर एक रुपया भेेजे। आरोप है कि शातिरों ने उसके खाते पर नियंत्रण कर दिया और कुछ समय बाद उसके खाते से 99,999 रुपये की निकासी हो चुकी थी। वहीं, कॉलर का फोन भी बंद है। शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत दो अलग-अलग मुकद्दमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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राजधानी शिमला में नगर निगम की पूर्व भाजपा महिला पार्षद सहित तीन लोगों के साथ 2.39 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। साइबर ठग पार्षद को 60,000 रुपये का चूना लगा गए। शिकायत पर छोटा शिमला थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक बीते दिन पार्षद को फेसबुक मैसेंजर पर एक मेसेज मिला। एक दोस्त ने उनके गूगल खाते में 20,000 रुपये पैसे डालने का आश्वासन दिया। कहा कि पैसे प्राप्त करने के लिए सुरक्षा के तौर पर 5 रुपये ट्रांसफर करने होंगे। इसके बाद पार्षद ने उसके बताए खाते पर पांच रुपये का लेनदेन किया।

इस बीच पार्षद के एसबीआई के खाते से पहली बार में 19,995 और दूसरी बार में 39,995 रुपये की निकासी हो गई। पार्षद कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही शातिर उसे हजारों रुपये का चूना लगा गए। फिलहाल, साइबर और छोटा शिमला थाना पुलिस आईटी एक्ट के तहत मामले की जांच में जुटी है। इधर, पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक ऑनलाइन ठगी के पीछे साइबर ठग गिरोह काम कर रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द की शातिर पुलिस गिरफ्त में हाेंगे।

डेबिट कार्ड लेनदेन के बारे में पूछा और 78,938 रुपये उड़ा लिए

पुलिस थाना सदर में भी महिला और एक अन्य व्यक्ति ठगी का शिकार हुआ है। पहला मामला लक्कड़ बाजार क्षेत्र में पेश आया। इंदु स्वरूप को फोन कर शातिर ने बताया कि वह निजी बैंक से बोल रहा है। उसने डेबिट कार्ड लेनदेन के संबंध में महिला से पूछा और कुछ देर बाद महिला के खाते से 21,458 और 57,480 रुपये की निकासी हो गई।

गूगल पे से एक रुपया भेजा और खाते से हो गई 99,999 की निकासी

जाखू निवासी शिकायतकर्ता जतिंद्र मोहन कंवर ने बताया कि उसने किरायेदार के लिए विज्ञापन दिया था। इस बीच कमरा किराये पर रखने के लिए उसे एक व्यक्ति का फोन आया। कहा कि एडवांस पैसे के लिए गूगल पे के माध्यम से उसके नंबर पर एक रुपया भेेजे। आरोप है कि शातिरों ने उसके खाते पर नियंत्रण कर दिया और कुछ समय बाद उसके खाते से 99,999 रुपये की निकासी हो चुकी थी। वहीं, कॉलर का फोन भी बंद है। शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत दो अलग-अलग मुकद्दमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



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