मंडुवाडीह नहीं जामडीह: घंटों जाम की जकड़ में रहा वाराणसी, घंटों रेंगती रहीं गाड़ियां; कईयों की छूटी ट्रेन

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Traffic police failed to solve problem of jam in Varanasi city including Manduwadih

वाराणसी जाम
– फोटो : संवाद

विस्तार


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शहर आगमन पर किए गए रूट डायवर्जन का सही तरीके से पालन न होने के कारण लहरतारा से कैंट होते हुए चौकाघाट मार्ग पर सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतार नजर आई। ट्रैफिक पुलिस और उसके सारे इंतजाम धड़ाम नजर आए। इस बीच कई यात्रियों की ट्रेन और फ्लाइट छूट गई।

जाम के चलते ट्रेन यात्रियों का मुश्किल हुआ सफर 

गाजीपुर के जमानिया निवासी सूरज शर्मा और उनके साथ तीन अन्य लोग चौकाघाट पर फंस गए। कैंट स्टेशन से बेगमपुरा एक्सप्रेस पकड़ना था, लेकिन जाम में ऐसा फंसे कि स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन छूट गई। सूरज ने बताया कि तीन साथियों के साथ बेगमपुरा एक्सप्रेस से लुधियाना जाना था। एस-6 में बर्थ था। गाजीपुर से आते समय चौकाघाट पर यातायात रोक दिया गया। बताया गया कि राष्ट्रपति की फ्लीट गुजर रही हैं। 30 मिनट से भी अधिक देर तक जाम में फंसे होने के कारण ट्रेन के निर्धारित समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाया।

सुबह से देर शाम तक जारी रहा जाम का सिलसिला

शहर में रूट डायवर्जन के कारण सुबह लगभग 10 बजे से लगा जाम रात नौ बजे के बाद ही सामान्य होता दिखा। इस बीच दोपहर में छुट्टी के बाद स्कूल बसों में बच्चे, शाम को ऑफिस से निकले लोग जाम में परेशान होते दिखे। रही सही कसर शादी-विवाह की धूम ने निकाल दी। इस बीच जगह-जगह एंबुलेंस फंसी रही। जाम के बीच वाहन महज 5 से 10 किमी की गति से ही चल सके।

गलियां भी हो गईं चोक

सिगरा स्थित साजन तिराहा से फातमान, मलदहिया, मरी माई तिराहा, अंधरापुल और तेलियाबाग में भी लोग जाम की चपेट में रहे। हालत यह रहा कि इन इलाकों की गलियां भी चोक हो गईं। कमच्छा, लंका, गुरुबाग से लक्सा, कबीरचौरा से मैदागिन मार्ग पर भी वाहन रेंगते ही नजर आए। शाम होते-होते राजघाट से पड़ाव मार्ग पर वाहनों की रफ्तार पांच-सात किलोमीटर प्रति घंटा हो गई। यह स्थिति लगभग दो घंटे से ज्यादा तक रही और राहगीर परेशान होते रहे।

इहां के नाम बदल के जामडीह करा देता…

मंडुवाडीह थाने से चौराहा-महमूरंगज मार्ग और बनारस रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार से आगे ककरमत्ता पुल तक रोजाना सुबह, दोपहर, शाम और रात के समय जाम लगना तय है। खास बात यह है कि मंडुवाडीह थाने, मंडुवाडीह चौराहा और बनारस रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के सामने ट्रैफिक पुलिस के साथ ही सिविल पुलिस भी तैनात रहती है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। सोमवार को भी सुबह से ही ऐसा भीषण जाम लगा हुआ था कि मंडुवाडीह चौराहा पर बाइक लेकर फंसे एक बुजुर्ग ने झल्लाते हुए पुलिसकर्मियों की ओर देख कर कहा कि इहां के नाम मंडुवाडीह से बदल कर तू लोगन जामडीह करा देता…।

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