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गाय
– फोटो : अमर उजाला
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पशुओं के इलाज के लिए संचालित की जा रही एंबुलेंस सेवा पशुपालकों के लिए मददगार साबित हो रही है। बीमार, घायल पशुओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए हर रोज औसतन 497 काॅल पहुंच रही हैं।
हालांकि एंबुलेंस की कमी की वजह से औसतन 280 पशुओं को ही उपचार मिल पा रहा है। ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों की मदद के लिए एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने पर विचार चल रहा है। इसके तहत 35 और एंबुलेंस खरीदी जाएंगी।
पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं के निशुल्क उपचार के लिए 16 नवंबर 2022 को मोबाइल वेटरनरी यूनिट सेवा शुरू की गई थी। मानवों के लिए 108 एंबुलेंस की तरह पशुओं के लिए इस सेवा को 1962 नाम दिया गया।
पिछले साल सेवा के शुरू होने से लेकर 30 नवंबर तक देहरादून काॅल सेंटर 188421 कॉल पहुंच चुकी है। 379 दिन में 106051 पशुओं का इलाज हुआ। इसके जरिये हर दिन औसतन 280 पशुओं निशुल्क उपचार हुआ।
पर पशुओं की संख्या और कॉल को देखते हुएमौजूदा पशु एंबुलेंस की संख्या काफी कम है। इस संख्या को बढ़ाने का फैसला किया गया है। यह एंबुलेंस 35 ब्लाॅक में तैनात होंगी।
वहीं, पशु एंबुलेंस सेवा का लाभ लेने के मामले पिथौरागढ़ जिला सबसे आगे रहा, इस जिले के पशुपालकों ने इस सेवा के माध्यम से 15,827 पशुओं का उपचार कराया।
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