जम्मू: जिले की आबादी 17 लाख से ज्यादा, सरकारी बसें मात्र 14, मेटाडोर और ऑटो पर निर्भर लोग

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Jammu: Population of the district is more than 17 lakh, government buses only 14

जेकेएसआरटीसी की बसें (फाइल)
– फोटो : अमर उजाला

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जम्मू जिले की आबादी 17 लाख से ऊपर है, लेकिन 30 से ज्यादा रूटों पर 14 सरकारी बसें ही चल रही हैं। इससे लोग शहर आने या फिर घर तक पहुंचने के लिए ज्यादातर मेटाडोर या ऑटो पर ही निर्भर हैं। इन यात्री वाहनों में मनमाना किराया वसूला जा रहा है। इससे लोग परेशान हैं। हालांकि अब शहर में 70 ई बसों की सुविधा मिलेगी, लेकिन ये बसें उद्घाटन के इंतजार में डिपो में खड़ी हैं।

ग्रामीण इलाकों में हालात ये हैं कि सरकारी बस छह घंटे बाद ही मिल पाती है, जबकि शहर में भी तीन से चार घंटे के अंतराल के बाद बस सेवा है। मजबूरन लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो या मेटाडोर का सहारा लेना पड़ता है। 

ऐसे में लोगों को पांच से छह किलोमीटर तक सफर करने पर ऑटो में 150 से 200 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं। एसआरटीसी के अनुसार अधिकांश रूटों पर पहले 30 के करीब बसें चलती थीं, लेकिन यात्री कम बैठते थे। इससे घाटा हो रहा था। इस कारण बस सेवा बंद करनी पड़ी है। अब फिर से बस सेवा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

इन रूटों पर सरकारी बस सेवा

अंबफ्ला से आरएस पुरा, अंबफला से बाड़ी ब्राह्मणा, राया सेंट्रल यूनिवर्सिटी, चट्ठा यूनिवर्सिटी, पंजतीर्थी से छन्नी हिम्मत, अंबफ्ला से बठिंडी, सुजवां से अंबफ्ला, बस स्टैंड से अखनूर, इंदिरा चौक से जगती, पंजतीर्थी से बोहड़ी, ग्रेटर कैलाश से पंजतीर्थी, सैनिक कॉलोनी से पंजतीर्थी, केसी चौक से कोट भलवाल रूट पर सरकारी बसें चलती हैं।

अब ई-बस सेवा शुरू हो रही है। इससे शहरभर में सस्ती परिवहन सेवा का लाभ लोग उठा सकेंगे। परिवहन निगम भी अलग-अलग रूटों पर बसें चला रहा है। – राकेश सरांगल, एमडी, एसआरटीसी

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