लूट का खुलासा: वाराणसी में गुटखा फैक्ट्री के गार्ड ने रची थी लूट की साजिश, दोस्तों संग डकैती का किया था प्रयास

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Police busted case of robbery attempt in Gutkha factory in Varanasi and arrested many miscreants including sec

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : फाइल फोटो

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वाराणसी जिले के गोइठहां स्थित गुटखा फैक्ट्री के सेल्समैन और ड्राइवर से 7.35 लाख रुपये लूटने की साजिश वहां के सिक्योरिटी गार्ड ने दोस्तों के साथ रची थी। रेकी के बाद पांच दिसंबर की सुबह दो बाइक से आए छह बदमाशों ने फायरिंग कर डकैती का प्रयास किया था। यह खुलासा आरोपी सिक्योरिटी गार्ड सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को पुलिस ने किया। आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, एक तमंचा, पांच कारतूस, दो बाइक और पांच मोबाइल बरामद किया गया।

इन बदमाशों ने किया था लूट का प्रयास

आरोपी गाजीपुर के नंदगंज थाना के बरहरपुर के अभिजीत यादव, अलीपुर बनगावा के भानू प्रताप यादव, बांसा बांद खिलवा के कृष्ण कांत यादव उर्फ किशन व कोतवाली थाना के खावपुर सपही के मनोहर यादव और जौनपुर के चंदवक थाना के बजरंग नगर कोईलारी के शुभम दीक्षित हैं। प्रकरण में मनोहर यादव के दो साथियों की तलाश है।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से की गई बदमाशों की धरपकड़

डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार ने बताया कि बीते पांच दिसंबर को प्रेमचंद नगर कॉलोनी, पांडेयपुर निवासी शशिकांत पांडेय ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक दो बाइक सवार छह बदमाशों ने उनके ड्राइवर और सेल्समैन को लूटने की नीयत से फायरिंग की। आरोपियों की धरपकड़ के लिए लालपुर पांडेयपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार और एसओजी प्रभारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में दरोगा मनीष कुमार मिश्रा, शशि प्रताप सिंह व हरिकेश सिंह की टीम गठित की गई। सीसी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ की गई।

एक माह पहले सारनाथ में रची थी साजिश

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने की साजिश एक माह पहले सारनाथ स्थित पार्क में रची गई थी। शुभम दीक्षित गुटखा फैक्ट्री में चार साल से सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। उसने अपने दोस्त मनोहर यादव को बताया था कि उसकी फैक्ट्री में हर दूसरे-तीसरे दिन 10 से 15 लाख रुपये आते हैं और उन्हें आसानी से लूटा जा सकता है। शुभम की मुखबिरी के आधार पर ही मनोहर यादव व उसके दो दोस्त, अभिजीत, भानू और कृष्ण कांत वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार हुए।

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