MCD Election: 120 पूर्व पार्षदों की प्रतिष्ठा दांव पर, एक छठी तो एक पांचवीं बार जीतने के लिए बहा रहे पसीना

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सांकेतिक तस्वीर

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– फोटो : iStock

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एमसीडी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी 1349 उम्मीदवारों ने जी जान एक कर दी है, लेकिन उनमें शामिल 120 पूर्व पार्षदों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। एक पूर्व पार्षद लगातार छठीं और एक अन्य पूर्व पार्षद पांचवी बार एमसीडी में दस्तक देने के लिए पसीना बहा रहे हैं।

वहीं तीन पूर्व पार्षदों ने चौथी बार जीतने के लिए दिन रात एक किया हुआ है, जबकि 19 पूर्व पार्षद तीसरी बार पार्षद बनने के लिए मतदाताओं को रिझाने में पूरी ताकत लगा रहे हैं। इसके अलावा 96 पूर्व पार्षद भी दूसरी बार पार्षद का चुनाव जीतने लिए दौड़धूप कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के मुकेश गोयल ने छठीं और कांग्रेस की दर्शना जाटव ने पांचवी बार पार्षद बनने के लिए चुनावी दंगल में ताल ठोक रखी है, जबकि कांग्रेस के फरहाद सूरी व वरियाम कौर और आम आदमी पार्टी की प्रीति चौथी बार जीत हासिल करने के लिए पसीना बहा रही है। खास बात यह है कि मुकेश गोयल व प्रीति पहले कांग्रेस के पार्षद होते थे।

भाजपा के गुलाब सिंह राठौर, नीलम बुद्धिराजा, प्रवेश वाही, रेखा गुप्ता, रेणु अग्रवाल, श्याम शर्मा, डाॅ. पंकज सिंह, नीलम पहलवान, पूनम भाटी, चंद्र प्रकाश, नीमा भगत, रिंकू कुमार व सत्या शर्मा, जबकि आम आदमी पार्टी के आले इकबाल, मोहम्मद सादिक, इंदू व हेमचंद गोयल और कांग्रेस की प्रेरणा सिंह व सीमा ताहिरा तीसरी बार जीत हासिल की कोशिश में हैं।

पूर्व पार्षदों में अधिकतर को बड़े पदों पर कार्य करने का अनुभव
एमसीडी चुनाव लड़े रहे पूर्व पार्षदों में सबसे अधिक अनुभवी मुकेश गोयल, फरहाद सूरी, वरियाम कौर, श्याम शर्मा, नीलम भगत, सत्या शर्मा, प्रवेश वाही को काफी अनुभव है। वर्ष 2012 से पहले एमसीडी के साथ-साथ उसके बाद तीनों नगर निगम में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। आप के मुकेश गोयल कांग्रेस के शासन में एमसीडी की सबसे अधिक अधिकार वाली स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे हैं।

इसके अलावा एमसीडी के बंटवारे के बाद कांग्रेस ने उनको उत्तरी दिल्ली नगर निगम में वर्ष 2012 में नेता प्रतिपक्ष और वर्ष 2017 में पार्षद दल का नेता बनाया था। दर्शना जाटव को अभी तक बड़े पद पर कार्य करने का अवसर नहीं मिला है, जबकि कांग्रेस के फरहाद सूरी वर्ष 2006 में एमसीडी के महापौर बने थे और वर्ष 2012 में वह दक्षिण दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बने थे। कांग्रेस की वरियाम कौर एमसीडी में उपमहापौर बनी थी और वह वर्ष 2012 में पूर्वी दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बनी थी। भाजपा के श्याम शर्मा दक्षिण दिल्ली नगर निगम के महापौर रह चुके है, वहीं नीलम भगत व सत्या शर्मा पूर्वी दिल्ली नगर निगम की महापौर बन चुकी है। प्रवेश वाही को उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति का अध्यक्ष बनने का अवसर मिल चुका है।

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एमसीडी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी 1349 उम्मीदवारों ने जी जान एक कर दी है, लेकिन उनमें शामिल 120 पूर्व पार्षदों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। एक पूर्व पार्षद लगातार छठीं और एक अन्य पूर्व पार्षद पांचवी बार एमसीडी में दस्तक देने के लिए पसीना बहा रहे हैं।

वहीं तीन पूर्व पार्षदों ने चौथी बार जीतने के लिए दिन रात एक किया हुआ है, जबकि 19 पूर्व पार्षद तीसरी बार पार्षद बनने के लिए मतदाताओं को रिझाने में पूरी ताकत लगा रहे हैं। इसके अलावा 96 पूर्व पार्षद भी दूसरी बार पार्षद का चुनाव जीतने लिए दौड़धूप कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के मुकेश गोयल ने छठीं और कांग्रेस की दर्शना जाटव ने पांचवी बार पार्षद बनने के लिए चुनावी दंगल में ताल ठोक रखी है, जबकि कांग्रेस के फरहाद सूरी व वरियाम कौर और आम आदमी पार्टी की प्रीति चौथी बार जीत हासिल करने के लिए पसीना बहा रही है। खास बात यह है कि मुकेश गोयल व प्रीति पहले कांग्रेस के पार्षद होते थे।

भाजपा के गुलाब सिंह राठौर, नीलम बुद्धिराजा, प्रवेश वाही, रेखा गुप्ता, रेणु अग्रवाल, श्याम शर्मा, डाॅ. पंकज सिंह, नीलम पहलवान, पूनम भाटी, चंद्र प्रकाश, नीमा भगत, रिंकू कुमार व सत्या शर्मा, जबकि आम आदमी पार्टी के आले इकबाल, मोहम्मद सादिक, इंदू व हेमचंद गोयल और कांग्रेस की प्रेरणा सिंह व सीमा ताहिरा तीसरी बार जीत हासिल की कोशिश में हैं।

पूर्व पार्षदों में अधिकतर को बड़े पदों पर कार्य करने का अनुभव

एमसीडी चुनाव लड़े रहे पूर्व पार्षदों में सबसे अधिक अनुभवी मुकेश गोयल, फरहाद सूरी, वरियाम कौर, श्याम शर्मा, नीलम भगत, सत्या शर्मा, प्रवेश वाही को काफी अनुभव है। वर्ष 2012 से पहले एमसीडी के साथ-साथ उसके बाद तीनों नगर निगम में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। आप के मुकेश गोयल कांग्रेस के शासन में एमसीडी की सबसे अधिक अधिकार वाली स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे हैं।

इसके अलावा एमसीडी के बंटवारे के बाद कांग्रेस ने उनको उत्तरी दिल्ली नगर निगम में वर्ष 2012 में नेता प्रतिपक्ष और वर्ष 2017 में पार्षद दल का नेता बनाया था। दर्शना जाटव को अभी तक बड़े पद पर कार्य करने का अवसर नहीं मिला है, जबकि कांग्रेस के फरहाद सूरी वर्ष 2006 में एमसीडी के महापौर बने थे और वर्ष 2012 में वह दक्षिण दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बने थे। कांग्रेस की वरियाम कौर एमसीडी में उपमहापौर बनी थी और वह वर्ष 2012 में पूर्वी दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बनी थी। भाजपा के श्याम शर्मा दक्षिण दिल्ली नगर निगम के महापौर रह चुके है, वहीं नीलम भगत व सत्या शर्मा पूर्वी दिल्ली नगर निगम की महापौर बन चुकी है। प्रवेश वाही को उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति का अध्यक्ष बनने का अवसर मिल चुका है।



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