Bihar News: सर्विस सेंटर से काम खत्म कर घर के लिए निकला, पर पहुंची मौत की खबर; मालिक ने हत्या के आरोप को नकारा

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Youth riding bike while returning home in Gopalganj died after colliding with tree, family fear of murder

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और स्थानीय
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के गोपालगंज जिले के मीरगंज-सबैया मार्ग पर गोसाई पिपरा पेट्रोल पंप के पास पेड़ से टकराकर एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। मृत युवक की पहचान हथुआ थाना क्षेत्र के कपरपुरा गांव निवासी ह्रदया भगत के बेटे मिथिलेश कुमार (18) के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि रविवार की देर शाम मिथिलेश कपरपुरा स्थित एक सर्विस सेंटर से काम कर बाइक से अपने घर के लिए रवाना हो गया। लेकिन काफी देर तक घर नहीं पहुंचा। जब परिजनों ने उसके बारे में खोजबीन शुरू की तो पता चला कि वह पिपरा पेट्रोल पंप के पास दुर्घटना का शिकार हो गया है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में परिजनों की सहमति के आधार पर पुलिस ने शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही उन्हें सौंप दिया।

परिजनों ने बताया कि मिथिलेश कपरपुरा गांव के अशोक सिंह के सर्विस सेंटर पर गाड़ी धुलने का काम करता था। रविवार की देर शाम सर्विस सेंटर से वह निकला, लेकिन घर नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि उसकी सड़क दुर्घटना में मौत नहीं हुई है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। परिजनों द्वारा शव को सड़क पर रखकर हंगामा करने की सूचना पर हथुआ पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। इस दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि युवक की हत्या की गई है।

वहीं, सर्विस सेंटर के मालिक का कहना है कि वह काम से छूटने के बाद एक ग्राहक की बाइक से घर के लिए निकल गया। बाद में पता चला कि वह दुर्घटना का शिकार हो गया है, जिसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। हत्या का आरोप गलत है। इधर, मीरगंज पुलिस का कहना है कि युवक की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है।

 

मिथिलेश की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पत्नी राजकुमारी देवी और मां चंपा देवी शव से लिपट कर रोने लगे। जबकि पिता ह्रदया भगत कमाऊ बेटे की मौत से सदमे में चले गए। मिथिलेश दो भाइयों में से बड़ा था। एक छोटा भाई है जो दिव्यांग है। पिता खेतीबाड़ी करते हैं। मिथिलेश की शादी साल भर पहले हुई थी। उसका एक बेटा भी है। मिथिलेश की कमाई से ही परिवार चलता था। अब उसकी मौत से परिजनों पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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