Kangra News: टांडा मेडिकल कॉलेज के नाम एक और उपलब्धि, हिमाचल में पहली रीनल डिनर्वेशन थेरेपी सफल

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First renal denervation therapy successful in Himachal, effective in high blood pressure

टांडा मेडिकल कालेज
– फोटो : अमर उजाला

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स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में टांडा मेडिकल कॉलेज ने एक और अध्याय अपने नाम जोड़ लिया है। हिमाचल में पहली बार सफलतापूर्वक रीनल डिनर्वेशन थेरेपी की गई है। संस्थान के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी ने कार्डियोलॉजी एवं एनेस्थीसिया विभाग को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की इस उपलब्धि ने संस्थान के कद को ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि 38 वर्षीय पुरुष उच्च प्रतिरोधी रक्तचाप से पीड़ित था और पांच उच्च रक्तचाप रोधी दवाएं लेने के बावजूद उसका रक्तचाप 200 से ऊपर की सीमा में बना हुआ था। ऐसे में रोगी की रीनल डिनर्वेशन थेरेपी का फैसला लिया गया।

रीनल डिनर्वेशन थेरेपी त्वरित उच्च रक्तचाप के लिए नया उपचार है, जिसमें कैथेटर आधारित रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन या कैथेटर आधारित अल्ट्रासाउंड एब्लेशन की ओर से रीनल सिम्पैथेटिक तंत्रिकाओं का डिनर्वेशन शामिल है। इसके परिणामस्वरूप उच्च प्रतिरोधी रक्तचाप वाले रोगियों में रक्तचाप में कमी आती है। यह नवीन तकनीक भारत में मार्च, 2023 में पेश की गई थी। अब तक पूरे भारत में केवल 9 मामलों का निष्पादन किया गया है और उत्तर भारत में केवल एक मामले का निष्पादन किया गया है। यह उत्तर भारत में दूसरा और भारत में 10वां मामला है।

विभाग के डॉ. मुकुल भटनागर, डॉ. अंबुधर शर्मा, डॉ. जय सिंह एचओडी एनेस्थीसिया, डॉ. विपिन गर्ग, डॉ. हेमंत शर्मा, डॉ. स्वाति महाजन, डॉ. अक्षय प्रताप सिंह की टीम ने प्रदेश में इस पहली प्रक्रिया को अंजाम दिया है। प्राचार्य ने कहा कि यह एक महंगी प्रक्रिया है जिसकी लागत लगभग 6 लाख रुपये है और इसे मुख्यमंत्री राहत कोष की मदद के साथ  हिमकेयर योजना के तहत किया गया था।

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