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varanasi ghat
– फोटो : istock
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काशी के गंगा घाटों पर अब किसी भी कार्यक्रम के लिए नगर निगम से अनुमति लेनी होगी। निगम इसके लिए शुल्क भी वसूलेगा। इसके लिए उपविधि बनाकर शासन से अनुमति ली जाएगी। अनुमति के बाद इसे लागू किया जाएगा। यह निर्णय नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया।
बैठक में हुई ये चर्चा
मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा हुई कि गंगा घाट पर आए दिन विभिन्न संस्थाओं और व्यक्तियों की ओर से कार्यक्रम होते हैं। इससे निगम को किसी प्रकार की आय नहीं हो रही है। इसके लिए उपविधि तैयार करने के प्रस्ताव को पास किया गया। इसी प्रकार नामांतरण के लिए भी उपविधि तैयार की जाएगी। उपविधि बनाने के बाद इस पर आपत्तियां ली जाएंगी। इनका निस्तारण करने के बाद इसे लागू करने के लिए शासन में भेजा जाएगा।
मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। उप सभापति सुरेश चौरसिया ने 26 अक्तूबर और 16 नवंबर को हुई कार्यकारिणी की बैठक के बिंदुओं की पुष्टि का प्रस्ताव रखा। इसे सर्वसम्मति से पास किया गया। सुबह 11 बजे से ढाई बजे तक चली बैठक में कार्यकारिणी की अगली बैठक 27 दिसंबर को होने पर सहमति बनी।
कार्यकारिणी सदस्य मदन मोहन दूबे ने कहा कि नामांतरण की कार्रवाई में देरी की जा रही है। जबकि जनहित गारंटी के तहत नामांतरण का काम 45 दिन में पूरा होना चाहिए। इस पर मेयर ने नगर आयुक्त से कहा कि सभी जोनल अधिकारियों को आदेश जारी करें कि 45 दिन में नामांतरण कार्य पूरा करें। सभी विलंबित पत्रावलियों का निस्तारण कराएं।
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