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मुरादाबाद में एमडीए की बैठक के दौरान अधिकारी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुरादाबाद में पुरानी सोनकपुर योजना का नाम और लेआउट बदलकर नए सिरे से लॉन्च की जाएगी। इसका शिलान्यास 14 जनवरी को होगा। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद इस योजना को लॉन्च किया जाएगा। शहर के लोगों के लिए अभी तक खुला न रहने वाला आशियाना कॉलोनी का आंबेडकर पार्क अब आंबेडकर नेचर पार्क एवं लाइब्रेरी के रूप में जाना जाएगा।
तेजी से विकसित किए जा रहे इस पार्क को 26 जनवरी तक शहरवासियों को सौंप दिया जाएगा। यह निर्णय कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में एमडीए सभागार में हुई बोर्ड की बैठक में लिया गया। इसके अलावा कई अन्य प्रस्तावों पर भी बोर्ड ने मुहर लगाई। इसके बोर्ड बैठक में पुनरीक्षित बजट भी रखा गया। पहले आय का 225 करोड़ का बजट रखा गया था।
जिसे पुनरक्षित कर 429 करोड़ रुपये किया गया है। पहले 510 करोड़ का व्यय बजट रखा गया था। जिसे घटाकर 360 करोड़ रुपये कर बोर्ड के समक्ष रखा गया। जिसे बोर्ड ने पास कर दिया। बैठक में वीसी शैलेष कुमार, सचिव अंजूलता, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, एमडीए ओएसडी पारुल तरार, संपत्ति अधिकारी आरआर सिंह, अमित काद्यान, पंकज पांडे, नामित सदस्य राजू कालरा व विकास जैन आदि मौजूद रहे।
सुविधाओं से लैस होगी योजना, होंगे 1600 प्लॉट
एमडीए बोर्ड की बैठक में वीसी शैलेष कुमार ने बताया वर्ष 2011 में सोनकपुर योजना लॉन्च की गई थी। लेकिन कुछ भूमि संबंधी विवाद के कारण योजना में शामिल भवन व प्लॉट बिक नहीं सके। 50 हेक्टेयर क्षेत्र वाली इस योजना में आवासीय, व्यावसायिक, नर्सिंग होम, स्कूल आदि के लिए करीब 1600 प्लॉट होंगे। इसके अलावा करीब डेढ़ सौ आवास भी होंगे। यहां वैजिटेबल प्लेटफार्म, आंगनवाड़ी, पोस्ट ऑफिस, ई-सुविधा सेंटर, बैंक, सार्वजनिक शौचालय, गारबेज कलेक्शन, विद्युत सब स्टेशन के लिए भी भूमि का प्रावधान किया गया है।
ब्रेललिपि के बच्चे भी ले सकेंगे लाइब्रेरी का लाभ
शहर के बीच स्थित करीब 10 एकड़ क्षेत्र में बने आंबेडकर पार्क को चार करोड़ की लागत से विकसित कर पिकनिक स्पॉट का रूप दिया जा रहा है। बोर्ड की बैठक में इस पार्क के नाम के आगे नेचर पार्क एवं लाइब्रेरी जोड़ा गया है। इसमें लाइब्रेरी भी होगी। जिसमें ब्रेललिपि के बच्चे भी इसका लाभ ले सकेंगे। 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस पार्क का संचालन फिक्स्ड रेवेन्यू शेयर एजेंसी करेगी।
स्वीकृत ले-आउट से इतर निर्माण के भी पास हो सकेंगे नक्शे
प्राधिकरण की योजनाओं, स्वीकृत ले-आउट से अलग मानचित्र के नक्शे भी पास हो सकेंगे। इसकी स्वीकृति बोर्ड ने दी है। वीसी ने बताया कि इससे आम लोगों के आवासीय निर्माण वैध हो सकेंगे। जिससे वह अपने प्लॉट पर मानचित्र स्वीकृत कराकर वैध निर्माण भी करा सकेंगे।
एक से अधिक प्लॉटों को मिलाकर बनाने का पास होगा नक्शा
वीसी ने बताया कि आम तौर पर यह देखा जाता है कि स्वीकृत योजना के एक से अधिक प्लॉटों को मिलाकर लोग भवन का निर्माण करा लेते हैं। जिससे उनका निर्माण अवैध की श्रेणी में हो जाता है। लोगों की सुविधा के लिए आवासीय ले-आउट प्लान में एक से चार प्लॉटों को मिलाकर और व्यावसायिक प्लॉटों को मिलाकर निर्माण की स्वीकृति शर्तों के अधीन दिए जाने का प्रस्ताव बोर्ड ने पास किया।
एकता विहार दक्षिणी का संशोधित ले-आउट स्वीकृत
एकता विहार दक्षिणी योजना में स्कूल की जमीन के आसपास उपलब्ध भूमि को समायोजित करते हुए योजना के ले-आउट में आंशिक संशोधन किया गया है। 7235.31 वर्ग मीटर भूमि हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए एक भूखंड और रिटेल शॉप के लिए 76.147 वर्ग मीटर के आठ प्लॉट के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है।
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