पैसे दोगुने के लालच में ठगी: पांच हजार के निवेश पर हर माह तीन हजार देने का बुना जाल, हजारों लोग ठगे

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jammu scam news: web of giving three thousand rupees every month on an investment of five thousand

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– फोटो : iStock

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पैसे दोगुने के लालच में प्रदेश सहित जिले के हजारों लोगों की जमा पूंजी डूब गई। एक सर्वे कंपनी ने ऐसा जाल बुना कि निवेश की आड़ में लोग ठगी का शिकार होते गए। यही नहीं, शुरुआत में शातिरों ने कुछ पैसे भी दिए। जब लोगों की सूची हजारों में चली गई तो पैसे देने बंद करने के बाद कंपनी संचालक भाग गए। 

पीड़ितों को एक बार में पांच हजार रुपये के निवेश पर हर महीने तीन हजार देने का झांसा दिया जाता था। हर दिन 50 प्रश्न पूछे जाते थे, जिनका सही जवाब देने पर पैसा मिलने का दावा किया जाता था। हैरानी की बात है कि करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की भनक पुलिस को अब तक लग नहीं पाई है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर पीड़ितों ने बताया कि छन्नी में एक साल से कंपनी का कार्यालय चल रहा था। उसका काम लोगों को सदस्यता देना था। एक बार में पांच हजार रुपये निवेश करने को कहा जाता था। 

इसके बाद वेब आईडी मिलती थी, जिस पर प्रतिदिन 50 प्रश्न विभिन्न उत्पादों के उपयोग से संबंधित पूछ जाते थे। सही जवाब देने पर 15 दिन बाद आईडी धारक के बैंक खाते में 1500 रुपये डाले जाते थे। इसके अलावा कंपनी की योजना को दूसरों के साथ साझा करने पर बोनस के रूप में भी पैसा दिया जाता था। कुछ समय तक कंपनी ने वादे के तहत पैसा दिया, लेकिन कुछ दिन से कंपनी के प्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर बंद हो गए।

जब लोग कार्यालय पहुंचे तो ताला लटका था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ लोगों ने आपबीती साझा की। कई लोगों ने तो 20 से 50 तक आईडी बनाई थीं और लाखों का निवेश किया था। पीड़ितों के अनुसार 59 करोड़ का फर्जीवाड़ा हुआ है। कंपनी के कश्मीर संभाग में सोपोर, बारामुला, बड़गाम, पटन, श्रीनगर और पुलवामा में भी कार्यालय हैं। पुलिस ने शाम को करण नगर में स्थित कार्यालय को सील किया है।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भी बनाया निशाना

पीड़ित ने बताया, किसी से कंपनी के बारे में सुना तो पांच हजार रुपये का निवेश कर आईडी ली। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा। प्रतिदिन 50 प्रश्नों का उत्तर देने पर हर 15 दिन में 15-15 हजार रुपये खाते में आते रहे। एक महीने में तीन हजार रुपये घर बैठे कमा लिए। रिश्तेदारों को कंपनी के बारे में बताया और उन्होंने आईडी लेकर निवेश किया। किसी ने 10 तो किसी ने 20 आईडी ली। 

अब कंपनी अचानक बंद हो गई, जितना पैसा लगाया सब चला गया। कंपनी प्रतिनिधि का फोन व कार्यालय बंद है। अन्य पीड़िता ने कहा कि कंपनी का विज्ञापन देखा। इसके बाद कार्यालय में संपर्क किया, फिर सोशल मीडिया पर कुछ इन्फ्लुएंसर का वीडियो देखा। इसमें निवेश के लिए कहा गया। पहले 30 हजार रुपये लगाए, जो डूब गए। कर्ज लेकर एक लाख रुपये से ज्यादा निवेश किया, मगर कंपनी बंद हो गई। कंपनी के अधिकांश प्रतिनिधि देश के अन्य राज्यों से हैं।

एक दिन पहले ही कुछ लोगों ने कंपनी के बारे में बताया था कि संचालक धोखाधड़ी कर फरार हो गए हैं। फिलहाल अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। -मोहम्मद सदीक, एसएचओ, पुलिस स्टेशन छन्नी

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