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युवा साहित्यकार पवन चौहान
– फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर के युवा साहित्यकार पवन चौहान के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। पवन की कहानी खिलौनों को लग गई ठंड देशभर के विद्यार्थी सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत दूसरी कक्षा के तहत हिंदी की पाठ्य पुस्तक नव उन्मेष में 2023-24 सत्र से पढ़ेंगे। यह कहानी न्यू सरस्वती हाउस की इस पाठ्य पुस्तक में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2022 बुनियादी स्तर के अनुरूप शामिल की गई है। यह कहानी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास में मदद करेगी और यह पाठ्यपुस्तक सीबीएसई संबद्ध निजी विद्यालयों में पढ़ाई जाएगी। पवन चौहान ने बताया इस पुस्तक में सुपरिचित साहित्यकारों निरंकार देव सेवक, श्याम सुंदर श्रीवास्तव, डॉ. विनोद प्रसून, आरसी प्रसाद सिंह, नयना अडारकर, राजा चौरसिया और वंदना चौहान की रचनाओं को भी शामिल किया गया है। पवन चौहान कविता, कहानी, बाल कहानी, फीचर लेखन में बराबर सक्रिय हैं।
पवन चौहान की रचनाएं देश की नामी पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं। हिमाचली बाल साहित्य में भी इनका कार्य उल्लेखनीय है। इनकी रचनाएं हिमाचल, महाराष्ट्र के पाठ्यक्रम लीड और सीबीएसई संबद्ध स्कूली पाठ्यक्रम के साथ महात्मा गांधी विश्वविद्यालय केरल के बीकॉम और राष्ट्र संत तुकाड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय नागपुर के बीए पाठ्यक्रम में भी शामिल हुई हैं। कई रचनाओं का विभिन्न भारतीय भाषाओं और नेपाली में अनुवाद हुआ है। यही नहीं, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला से पवन चौहान की बाल कहानियों का आलोचनात्मक विश्लेषण विषय पर लघु शोध भी हुआ है। पवन चौहान शिक्षक हैं और वर्तमान में नाचन विधानसभा क्षेत्र की शाली पंचायत के स्यांजी में कार्यरत हैं। उधर, सुकेत साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद सुंदरनगर के अध्यक्ष डॉ. गंगाराम राजी, सचिव कृष्ण चंद्र महादेविया, साहित्यकार मनोज चौहान, कवि रतन लाल शर्मा और सुरेंद्र मिश्रा ने इस उपलब्धि पर पवन चौहान को बधाई दी है।
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