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अमरोहा में ठगी करने का आरोपी पुलिस हिरासत में
– फोटो : संवाद
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महिला कांस्टेबल को झांसे में लेकर 9.35 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह के एक और सदस्य को नगर कोतवाली पुलिस ने दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी मूल रूप से मणिपुर के इंफाल का रहने वाला क्लालथासंगा है। पुलिस ने उसके कब्जे से तेरह एटीएम व डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पहचान पत्र, चार शैक्षिक प्रमाण पत्र और ब्लैंक चेक व दूसरे किसी व्यक्ति के खाते की एक चेक बुक बरामद की है।
तीन मोबाइल और सिम कार्ड भी मिले हैं। पुलिस ने क्लालथासंगा के अलग-अलग आठ खातों में ढाई लाख रुपये सीज कर लिए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी क्लालथासंगा ठगी की घटना के बाद अपना स्थान बदला लेता था और बाद में पहचान छिपाने के लिए उसी जगह के आधार कार्ड व पहचान पत्र बनवा लेता था।
साइबर ठगी के गैंग में शामिल संजय बर्मन नाम के व्यक्ति ने अपने खाते से क्लालथासंगा के खाते में डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद आरोपी क्लालथासंगा ने एटीएम के माध्यम से उन रुपयों को निकाल लिया था। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर क्लालथासंगा को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि क्लालथासंगा के आठ बैंक खातों से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। फिलहाल पुलिस यूके के रहने वाले मुख्य आरोपी एलेक्स कार्लोस समेत गिरोह के अन्य कई लोगों की तलाश में जुटी है।
मूलरूप से रामपुर जनपद के कैमरी थानाक्षेत्र के मालनखेड़ा की रहने वाली मंजू रानी यूपी पुलिस में कांस्टेबल है। उनकी तैनाती अमरोहा नगर कोतवाली में है। आरोप है कि दो जुलाई को यूके के रहने वाले एलेक्स कार्लोस से इंस्टाग्राम के माध्यम से बात हुई थी। जिसके बाद वह उसके झांसे में आ गई। एलेक्स कार्लोस ने बताया की उसके 65000 पौंड मुंबई एयरपोर्ट पर है। जिन्हें रुपयों में बदलना है। उन रुपयों से मुंबई में एक मकान खरीदना है।
मंजू रानी ने आरोपी के विश्वास में आकर मुंबई के दो अलग-अलग खातों में 9.35 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में जब आरोपी ने 11 लाख 35 हजार रुपये की मांग की तो कांस्टेबल मंजू रानी को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। मामले में कांस्टेबल की तहरीर पर यूनाइटेड किंगडम (यूके) के रहने वाले एलेक्स कार्लोस के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था।
सीओ अरुण कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर क्राइम करने में एक्सपर्ट हैं। आरोपियों के तार यूके, नाइजीरियन समेत कई देशों के जुड़े हैं। यही नहीं साइबर क्राइम करने वाले मिजोरम व दिल्ली में ठिकाना बनाए हुए हैं। संभावना है कि अन्य आरोपी भी दिल्ली में छिपे हो सकते हैं।
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