Uttarakhand: राज्य कर विभाग ने पकड़ी पांच करोड़ की बिक्री पर कर चोरी, क्रिसमस और नव वर्ष पर विशेष निगरानी

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Uttarakhand tax department caught tax evasion on sales worth Rs 5 crore firms of Dehradun Haridwar Rudrapur

कर चोरी
– फोटो : Istock

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राज्य माल और सेवा कर विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और हल्द्वानी की 18 फर्मों से पांच करोड़ की बिक्री पर कर चोरी पकड़ी है। विभाग की ओर से बिल लाओ-इनाम पाओ योजना शुरू की गई है। योजना में भाग लेने वाले नागरिकों को हर माह 1500 इनाम बांटे जा रहे हैं।

इससे राज्य कर (स्टेट जीएसटी) विभाग को बड़ी संख्या में बिलों की जानकारी मिल रही है। जिसके आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित प्रतिष्ठान कर जमा कर रहा है या नहीं। ऐसे ही बिलों के परीक्षण में राज्य कर विभाग को पता चला कि देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और हल्द्वानी की 18 फर्म कर चोरी कर रहीं हैं।

इन फर्मों के बिल तो ग्राहकों के माध्यम से विभाग तक पहुंच गए, लेकिन इनके कर व रिटर्न का पता नहीं चल रहा था। पता चला कि कुछ फर्मों का जीएसटी पंजीकरण दो-तीन साल पहले रद्द हो चुका है या ये फर्म दाखिल रिटर्न में बिक्री को प्रदर्शित ही नहीं कर रही थी। यह भी पाया गया कि कुछ फर्म ग्राहकों से जीएसटी तो चार्ज कर रही है, लेकिन उसे जमा नहीं कराया जा रहा था। फर्मों की ओर से की जा रही कर चोरी स्पष्ट हो जाने के बाद विभाग की ओर से इन पर छापेमारी की गई। इनमें चार प्रतिष्ठान देहरादून, पांच हरिद्वार, पांच रुद्रपुर व चार हल्द्वानी के पाए गए।

दस्तावेज कब्जे में लिए

अब तक की जांच में पाया गया कि इन्होंने करीब पांच करोड़ रुपये की बिक्री पर कर चोरी की है। यह प्रतिष्ठान होटल, रेस्तरां, गारमेंट्स, डेली नीड्स स्टोर की श्रेणी में आते हैं। मौके से अधिकारियों ने बड़ी संख्या में आय-व्यय और बिक्री सहित अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। हरिद्वार के प्रतिष्ठानों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 2.47 लाख रुपये मौके पर ही सरेंडर कर दिए।

बाकी से कर की वसूली ब्याज और अर्थदंड के साथ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई कुमाऊं और गढ़वाल जोन के अपर आयुक्तों के राकेश वर्मा व पीएस डुंगरियाल के निर्देश पर की गई। टीम में संयुक्त आयुक्त एसआईबी देहरादून संभाग एसएस तिरुवा, डॉ सुनीता पांडे हरिद्वार संभाग, रणवीर सिंह रुद्रपुर संभाग, रोशल लाल हल्द्वानी संभाग, उपायुक्त सुरेश कुमार, कार्तिकेय वर्मा, रजनीश सहित 70 कार्मिक शामिल रहे।

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क्रिसमस और नव वर्ष पर विशेष निगरानी

आयुक्त राज्यकर डॉ अहमद इकबाल के मुताबिक सितंबर 2022 से लागू बिल लाओ इनाम पाओ योजना में अपलोड किए गए बिलों की जांच संयुक्त आयुक्त एसआइबी व नोडल अधिकारी आईटी से कराई जा रही है। जिसके आधार पर आगे भी छापेमारी की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि क्रिसमस और नव वर्ष के मद्देनजर होटल-रेस्तरां के आयोजनों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जहां भी कर चोरी की आशंका पाई जाएगी, वहां कार्रवाई की जाएगी।

 

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