संतानोत्पत्ति के लिए मिली पैरोल: 14 साल से जेल में बंद है कैदी, HC ने माना वंश बढ़ाना कैदियों का मौलिक अधिकार

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Delhi High Court grants parole to jailed prisoner for having a child

दिल्ली हाईकोर्ट
– फोटो : पीटीआई

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उच्च न्यायालय ने माना कि संतानोत्पत्ति कैदियों का मौलिक अधिकार है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह अधिकार पूर्ण नहीं है, बल्कि संदर्भ पर निर्भर करता है और कैदी के माता-पिता की स्थिति और उम्र जैसे कारकों पर विचार करके, व्यक्तिगत अधिकारों, व्यापक सामाजिक विचारों के बीच नाजुक संतुलन को बनाए रखने के लिए एक निष्पक्ष और उचित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

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