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भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह।
– फोटो : amar ujala
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बीते 12 साल से भारतीय कुश्ती महासंघ की धुरी बने रहे सांसद बृजभूषण शरण सिंह अब पहलवानी से तौबा कर अब सियासत के अखाड़े में दांवपेंच आजमाएंगे। 30 साल से लगातार लोकसभा के लिए सांसद चुने जाने वाले बृजभूषण के लिए साल 2023 शुरूआत से ही कई मुश्किलें लेकर आया। जब महिला पहलवानों ने सांसद बृजभूषण पर यौनशोषण जैसा गंभीर आरोप लगा कर भूचाल सा ला दिया।
इससे पहले रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) पर कब्जेदारी को लेकर सियासी जोर-आजमाइश चलती रही। अप्रैल में पूरा मामला तब सांसद के लिए मुसीबत बन गया जब उनके खिलाफ होने वाला धरना-प्रदर्शन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया। इस दौरान उन्होंने कई बड़ी हस्तियों को चुनौती देखकर अपनी ताकत का अहसास कराया। मामला कोर्ट में जाने के बाद दिल्ली पुलिस को सांसद के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करना पड़ी।
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इस मामले को लेकर जून से अक्तूबर तक चली सियासी पेशबंदी के बाद दिसंबर में हुए भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव में उनके खास माने जाने वाले संजय सिंह बबलू ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर ली। जीत के बाद 60 घंटे के भीतर ही केंद्रीय खेल मंत्रालय ने नई कमेटी को भंग कर कुश्ती महासंघ में व्याप्त बृजभूषण का ‘दबदबा’ खत्म कर दिया। इस तरह जनवरी से शुरू हुआ संघर्ष दिसंबर के आखिरी दौर में सांसद के कुश्ती को अलविदा करने की घोषणा के बाद थमा।
जन्मदिन से ठीक दस दिन बाद बढ़ीं मुश्किलें
छह बार के सांसद रह चुके बृजभूषण शरण सिंह ने हर साल की तरह 2023 में भी 08 जनवरी को अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाया था। इसके ठीक 10 दिन बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ने लगीं। 18 जनवरी को ओलंपियन साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया की अगुवाई में महिला पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण पर यौन शोषण व धमकी देने का आरोप लगाकर जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पहलवानों ने अपने पुरस्कार तक वापस कर दिए।
प्रियंका गांधी को दी थी चुनाव लड़ने की चुनौती
धरना दे रही महिला पहलवानों के समर्थन में पहुंची कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को बृजभूषण शरण सिंह ने खुले मंच से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उनका कहना था कि प्रियंका अगर इतनी बड़ी नेता हैं तो वह यूपी के किसी भी लोकसभा सीट पर मुझसे चुनाव लड़ सकती हैं।
बाबा रामदेव से भिड़ंत भी रही चर्चा में
साल के अगस्त माह में व्यापारियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कैसरगंज सांसद बृज भूषण ने महर्षि पतंजलि के नाम पर कारोबार कर रहे बाबा रामदेव के उत्पादों को नकली बता कर उनके खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया था। इस मामले में पतंजलि समूह के निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने उन्हें विधिक नोटिस भी भेजी
अब सियासत पर रहेगा पूरा फोकस
खेल मंत्रालय की ओर से भारतीय कुश्ती महासंघ को निलंबित करने के बाद पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि वह कुश्ती से संन्यास ले कर अब अपना पूरा ध्यान सियासत के अखाड़े में विरोधियों को पटकनी देने पर लगाएंगे। इसके लिए पूरा ध्यान आगामी लोकसभा चुनाव पर रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि संजय सिंह मेरे रिश्तेदार नहीं हैं। कुश्ती खेल से भी अपना नाता तोड़ चुका हूं।
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