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श्रीमद्भगवद्गीता
– फोटो : सोशल मीडिया
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शिक्षक संगठन डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामानुजन कॉलेज द्वारा पेश किए जा रहे श्रीमद्भगवद गीता पर सर्टिफिकेट कम रिफ्रेशर कोर्स के लिए अनिवार्य पंजीकरण और उपस्थिति को वापस लेने की मांग की है। बुधवार को जारी किए गए एक बयान में वामपंथी झुकाव वाले निकाय ने कहा कि कॉलेज के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को श्रीमद्भगवद गीता पर सार्टिफिकेट कोर्स के लिए पंजीकरण करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज का समय पूरा होने के बाद उन्हें कोर्स में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बयान में कहा गया, ‘रामानुजन प्रिंसिपल एसपी अग्रवाल ने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को श्रीमद्भगवद गीता पर सर्टिफिकेट कम रिफ्रेशर कोर्स के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण करने और उसमें भाग लेने का निर्देश देने के लिए अपने पास निहित शक्तियों का दुरुपयोग किया है।’
डीटीएफ के बयान में यह भी कहा गया कि रिफ्रेसर कोर्स टीचिंग लर्निंग सेंटर द्वारा आयोजित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम कॉलेज द्वारा नौ जनवरी तक शाम 4.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में पेश किया जा रहा है।
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