Solan: कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर दौड़ेगी पैनोरमिक ‘मिनी वंदेभारत’, पर्यटक निहार सकेंगे खूबसूरत वादियां

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पारदर्शी कोच वाली ट्रेन

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– फोटो : संवाद

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कालका-शिमला नैरोगेज रेल लाइन पर जल्द पैनोरमिक (पारदर्शी) ‘मिनी वंदेभारत’ ट्रेन दौड़ेगी। इसके लिए रेलवे बोर्ड की ओर से कोच तैयार किए जा रहे हैं। पहले चरण में रेलवे बोर्ड की ओर से पैनोरमिक शैल और लगेज बोगी को ट्रायल के लिए तैयार किया है। इसका ट्रायल रेलवे बोर्ड ने शुरू कर दिया है। बुधवार को खाली शैल का ट्रायल कालका से शिमला तक किया गया। पहले पड़ाव में कालका से सोलन तक ट्रायल सफर रहा। दूसरे पड़ाव के ट्रायल की रिपोर्ट बोर्ड जल्द सौंपेगा। इस स्पेशल आरडीएसओ ट्रेन में रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) के महाप्रबंधक आशेष अग्रवाल समेत अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन आरडीएसओ टीम ने नए शैल की जांच की। यह कोच वर्तमान में चल रहे विस्ताडोम कोच से भी आधुनिक होंगे और पर्यटक पैनोरमिक कोच से खूबसूरत वादियों को निहार सकेंगे।

साथ ही नए कोच में टॉप रूफ के बजाए किनारे में बड़ी-बड़ी मंत्रमुग्ध करने वाली पारदर्शी खिड़कियां होंगी। पैनोरमिक कोच से लेस स्पेशल ट्रेन ट्रायल के बाद दोपहर करीब 3:30 बजे शिमला पहुंची। शिमला में आरडीएसओ के अधिकारियों ने कोच की जांच की। वीरवार को स्पेशल ट्रेन शिमला से कालका लौट जाएगी। कालका-शिमला विश्व धरोहर पर आरामदायक सफर करवाने के लिए रेल मंत्रालय ने कोरोना से पहले नए कोच चलाने का निर्णय लिया था। इसके लिए तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी हामी भरी थी। इसके बाद विभिन्न टीमों ने ट्रैक का निरीक्षण किया और रेल कोच फैक्ट्री से कोच का डिजाइन मांगा गया। रेल कोच फैक्ट्री ने रेल मंत्रालय को वर्ल्ड क्लास पैनोरमिक डिजाइन दिया। इसे बोर्ड ने अनुमित दी और शैल का निर्माण कार्य शुरू किया गया। अब पैनोरमिक ट्रायल शैल तैयार कर बोर्ड ने ट्रायल के लिए उतार दिया है। 

अलग-अलग स्पीड पर होगा ट्रायल 
नए कोच का रेल बोर्ड अलग-अलग स्पीड पर ट्रायल कर रहा है। बुधवार को स्पेशल ट्रेन में नए कोच लगाकर 28 की गति पर नैरोगेज रेल लाइन पर चलाया गया। इससे पहले इस कोच को शनिवार से मंगलवार तक कालका से धर्मपुर रेलवे स्टेशन तक ही भेजा गया। इसे 22.5 की स्पीड पर ट्रेन चलाई जा रही थी। 

एयर ब्रेक और एलईडी लाइट से लेस होगी बोगी
पैनेरमिक बोगी में एयर ब्रेक भी दी गई है। इससे दुर्घटनाओं को कम किया जाएगा। साथ ही पूरी बोगी एलईडी लाइट से लेस होगी। कोच में बड़ी-बड़ी खिड़कियां होंगी। वहीं, कोच में 360 डिग्री पर घूमने वाली चेयर लगाई जाएगी। पहले चरण में चार कोच दो एसी प्रीमियम, एक नान एसी व पावर एसी कोच तैयार होगा। प्रीमियम एसी कोच 12 सीटर होगा। एसी चेयर कार 24 सीटर होगी, वहीं नान एसी 30 सीटर होगा। पावर एसी कोच अन्य कोच को पावर देगा और उसमें सिर्फ गार्ड बैठेगा। कोच के अंदर का स्पेस भी पुराने डिब्बों से अधिक होगा। फायर अलार्म भी कोच के अंदर होगा।

कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर अब वर्ल्ड क्लास कोच दौड़ेंगे। पैनोरमिक कोच तैयार किया गया है। इस कोच को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। ट्रायल के बाद ही इसे ट्रैक पर यात्रियों की सुविधा के लिए उतारा जाएगा। ट्रायल के दौरान हर तरह से कोच की जांच की जा रही है। प्रथम चरण में खाली शैल और लगेज बोगी लगाकर ट्रायल किया जा रहा है।-आशेष अग्रवाल, महाप्रबंधक, रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला

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कालका-शिमला नैरोगेज रेल लाइन पर जल्द पैनोरमिक (पारदर्शी) ‘मिनी वंदेभारत’ ट्रेन दौड़ेगी। इसके लिए रेलवे बोर्ड की ओर से कोच तैयार किए जा रहे हैं। पहले चरण में रेलवे बोर्ड की ओर से पैनोरमिक शैल और लगेज बोगी को ट्रायल के लिए तैयार किया है। इसका ट्रायल रेलवे बोर्ड ने शुरू कर दिया है। बुधवार को खाली शैल का ट्रायल कालका से शिमला तक किया गया। पहले पड़ाव में कालका से सोलन तक ट्रायल सफर रहा। दूसरे पड़ाव के ट्रायल की रिपोर्ट बोर्ड जल्द सौंपेगा। इस स्पेशल आरडीएसओ ट्रेन में रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) के महाप्रबंधक आशेष अग्रवाल समेत अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन आरडीएसओ टीम ने नए शैल की जांच की। यह कोच वर्तमान में चल रहे विस्ताडोम कोच से भी आधुनिक होंगे और पर्यटक पैनोरमिक कोच से खूबसूरत वादियों को निहार सकेंगे।

साथ ही नए कोच में टॉप रूफ के बजाए किनारे में बड़ी-बड़ी मंत्रमुग्ध करने वाली पारदर्शी खिड़कियां होंगी। पैनोरमिक कोच से लेस स्पेशल ट्रेन ट्रायल के बाद दोपहर करीब 3:30 बजे शिमला पहुंची। शिमला में आरडीएसओ के अधिकारियों ने कोच की जांच की। वीरवार को स्पेशल ट्रेन शिमला से कालका लौट जाएगी। कालका-शिमला विश्व धरोहर पर आरामदायक सफर करवाने के लिए रेल मंत्रालय ने कोरोना से पहले नए कोच चलाने का निर्णय लिया था। इसके लिए तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी हामी भरी थी। इसके बाद विभिन्न टीमों ने ट्रैक का निरीक्षण किया और रेल कोच फैक्ट्री से कोच का डिजाइन मांगा गया। रेल कोच फैक्ट्री ने रेल मंत्रालय को वर्ल्ड क्लास पैनोरमिक डिजाइन दिया। इसे बोर्ड ने अनुमित दी और शैल का निर्माण कार्य शुरू किया गया। अब पैनोरमिक ट्रायल शैल तैयार कर बोर्ड ने ट्रायल के लिए उतार दिया है। 

अलग-अलग स्पीड पर होगा ट्रायल 

नए कोच का रेल बोर्ड अलग-अलग स्पीड पर ट्रायल कर रहा है। बुधवार को स्पेशल ट्रेन में नए कोच लगाकर 28 की गति पर नैरोगेज रेल लाइन पर चलाया गया। इससे पहले इस कोच को शनिवार से मंगलवार तक कालका से धर्मपुर रेलवे स्टेशन तक ही भेजा गया। इसे 22.5 की स्पीड पर ट्रेन चलाई जा रही थी। 

एयर ब्रेक और एलईडी लाइट से लेस होगी बोगी

पैनेरमिक बोगी में एयर ब्रेक भी दी गई है। इससे दुर्घटनाओं को कम किया जाएगा। साथ ही पूरी बोगी एलईडी लाइट से लेस होगी। कोच में बड़ी-बड़ी खिड़कियां होंगी। वहीं, कोच में 360 डिग्री पर घूमने वाली चेयर लगाई जाएगी। पहले चरण में चार कोच दो एसी प्रीमियम, एक नान एसी व पावर एसी कोच तैयार होगा। प्रीमियम एसी कोच 12 सीटर होगा। एसी चेयर कार 24 सीटर होगी, वहीं नान एसी 30 सीटर होगा। पावर एसी कोच अन्य कोच को पावर देगा और उसमें सिर्फ गार्ड बैठेगा। कोच के अंदर का स्पेस भी पुराने डिब्बों से अधिक होगा। फायर अलार्म भी कोच के अंदर होगा।

कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर अब वर्ल्ड क्लास कोच दौड़ेंगे। पैनोरमिक कोच तैयार किया गया है। इस कोच को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। ट्रायल के बाद ही इसे ट्रैक पर यात्रियों की सुविधा के लिए उतारा जाएगा। ट्रायल के दौरान हर तरह से कोच की जांच की जा रही है। प्रथम चरण में खाली शैल और लगेज बोगी लगाकर ट्रायल किया जा रहा है।-आशेष अग्रवाल, महाप्रबंधक, रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला



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