जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में जल्द कराएं विधानसभा चुनाव, मतदाता सूची जारी होने के बाद राजनीतिक दलों ने उठाई मांग

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जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव(FILE)

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जम्मू-कश्मीर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद घाटी के राजनीतिक दल प्रदेश में जल्द विधानसभा चुनाव करवाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही नए मतदाताओं को जोड़ने के बारे में विवरण का अध्ययन कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में 7.72 लाख से अधिक नए वोटर जोड़े हैं।

अब कुल मतदाता 8359771 हो गए हैं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता सलमान सागर ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन लगभग सात लाख मतदाता जोड़े गए हैं और पार्टी को यह देखना होगा कि इनमें से कितने ऐसे मतदाता हैं, जो पिछले संशोधन से अब तक 18 वर्ष के हो चुके हैं।

अब जब पूरी प्रक्रिया समाप्त हो गई है तो चुनाव में देरी नहीं करनी चाहिए। अपनी पार्टी के प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने भी जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग की, ताकि यूटी में एक निर्वाचित प्रतिनिधि सरकार हो।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता रूफ भट्ट ने आरोप लगाया कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में अपनी सरकार बनाने के लिए सभी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और बड़ी संख्या में नए मतदाताओं को जोड़ना भी शक के दायरे में आता है और उनकी पार्टी जमीन पर इसका आकलन कर रही है। 

विस्तार

जम्मू-कश्मीर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद घाटी के राजनीतिक दल प्रदेश में जल्द विधानसभा चुनाव करवाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही नए मतदाताओं को जोड़ने के बारे में विवरण का अध्ययन कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में 7.72 लाख से अधिक नए वोटर जोड़े हैं।

अब कुल मतदाता 8359771 हो गए हैं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता सलमान सागर ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन लगभग सात लाख मतदाता जोड़े गए हैं और पार्टी को यह देखना होगा कि इनमें से कितने ऐसे मतदाता हैं, जो पिछले संशोधन से अब तक 18 वर्ष के हो चुके हैं।

अब जब पूरी प्रक्रिया समाप्त हो गई है तो चुनाव में देरी नहीं करनी चाहिए। अपनी पार्टी के प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने भी जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग की, ताकि यूटी में एक निर्वाचित प्रतिनिधि सरकार हो।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता रूफ भट्ट ने आरोप लगाया कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में अपनी सरकार बनाने के लिए सभी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और बड़ी संख्या में नए मतदाताओं को जोड़ना भी शक के दायरे में आता है और उनकी पार्टी जमीन पर इसका आकलन कर रही है। 



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