अतीत का अलीगढ़ 22: बेकाबू अपराधों की वजह से अलीगढ़ में कभी लगाना पड़ा था मार्शल लॉ

[ad_1]

Due to uncontrolled crimes, martial law had to be imposed in Aligarh

अतीत का अलीगढ़
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


अंग्रेजों द्वारा  विजित किए जाने पर 1804 में अलीगढ़ जिले का गठन किया गया था। इसके साथ ही पुलिस की तैनाती भी की गई थी। पुलिस का काम मुख्य शहर, बाजारों में कानून व्यवस्था बनाए रखना और अपराध नियंत्रण था। ग्रामीण इलाकों में  अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी तहसीलदारों को दी गई थी। खुद अंग्रेज मानते थे कि यह व्यवस्था बुरी तरह विफल रही। ग्रामीण इलाकों में ही नहीं , मुख्य शहर में भी अराजकता का माहौल था।

कई जमींदारों और बड़े किसानों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ बगावती रुख अख्तियार कर लिया था। हालात बेकाबू होने लगे थे।  इन हालात में अंग्रेजों ने जिले में मार्शल लॉ अर्थात सैन्य शासन थोपने का एलान कर दिया था।  1809 में तहसीलदारों से पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी वापस ले ली गई थी। मजिस्ट्रेट की निगरानी में पुलिस बल का गठन किया गया।

थानों की स्थापना का लंबा इतिहास

शुरुआती दौर में कोल, अतरौली, औरंगाबाद, छर्रा, चंडौस, खैर, हसनगढ़, सासनी, हसायन, कौड़ियागंज और  सिकंदराराऊ थाने स्थापित किए गए। इसके बाद पांच और थानों की स्थापना की गई। लेकिन 1817 में उन्हें खत्म कर दिया गया। 1817 में ही हाथरस और मुरसान के रूप में दो नए थानों का गठन किया गया। इसके बाद 1837 में बेगम समरू की जागीर के अंग्रेजी राज में विलय के बाद टप्पल थाने की स्थापना की गई। 1851 में नई व्यवस्था के तहत मिस्टर ई एफ टेलर ने जिले की सभी आठ तहसीलों में आठ पुलिस डिवीजन का गठन किया ।

एक बार फिर से तहसीलदारों के हाथ में पुलिस की कमान दे दी गई। हालांकि उनकी शक्ति अपने हलकों में ही निरीक्षण तक सीमित रखी गई। इस व्यवस्था के तहत दस थानों का गठन किया गया। ये कोल, अतरौली, अकराबाद, सिकंदराराऊ, सासनी, दादों, हाथरस, इगलास, खैर और टप्पल में स्थापित किए गए। इसके साथ ही प्रथम श्रेणी की पुलिस चौकियां या उपथाने हरदुआगंज, जवां, चंडौस, सोमना, गोंडा, हसायन, और गंगीरी में स्थापित किए गए। इसके अलावा जिले के 21 स्थानों पर पुलिस चौकियों की स्थापना की गई। ग्रांड ट्रंक रोड (जीटी रोड) पर पुलिस के सचल दस्तों की भी तैनाती की गई।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *