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गोरखपुर में छाया कोहरा।
– फोटो : अमर उजाला।
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मौसम ने देर से करवट ली। एक दिन पहले तक दिसंबर में भी सर्दी का एहसास नहीं हो रहा था, मगर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार सुबह से ही अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से ही शहर कोहरे की आगोश में लिपटा रहा। इस बीच पछुआ हवा के चलने से गलन बढ़ गई। दिसंबर में पहली बार लोगों ने कंपकंपी महसूस की। पूरे दिन बर्फीली हवा और शीतलहर के चलते लोग ठिठुरते रहे।
अधिकतम तापमान लुढ़ककर 15.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी तीन से चार दिनों तक कोहरा पड़ने का अनुमान है। दो जनवरी को बारिश भी हो सकती है।
सप्ताह भर से मौसम शुष्क रहने के बाद शुक्रवार की सुबह लोगों की नजर खुली तो मौसम का मिजाज बदला मिला। घना कोहरा छाने के साथ ओस की बूंदें टपक रहीं थीं। जिसके चलते बहुत सारे लोग सुबह टहलने नहीं निकले। दृश्यता कम होने के चलते लोग दिन में भी गाड़ियों की लाइट जलाकर चले। पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए और निचली वायुमंडल में कोहरा छाया रहा।
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इसकी वजह से अधिकतम तापमान में करीब आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़े में लिपटे नजर आए। दोपहर में करीब 30 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवा की वजह से गलन और बढ़ गई। शाम होते ही गलन के चलते सड़कों पर लोगों की चहलकदमी कम हो गई। ठंड से बचने के लिए लोग रूम हीटर और ब्लोअर का सहारा लेते रहे।
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