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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
– फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जो आपदा में साथ खड़े नहीं हुए, वह जनता और प्रदेश का क्या भला करेंगे। आपदा में केंद्र ने कोई सहायता नहीं की। भाजपा के नेता हमारा साथ दें। वह साथ दिल्ली चले, हम साथ जाएंगे। आपदा से हुए 12 हजार करोड़ के नुकसान का आपदा पैकेज दिलाएं। मुख्यमंत्री राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल का शुभारंभ करने के बाद मनुरंगशाला में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब आपदा आई तो विपक्ष ने सिर्फ टिक्का टिप्पणी का काम किया। प्रदेश के लिए केंद्र से राहत पैकेज मांगा तो नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपाई सदन में भी मौन रहे। प्रदेश में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने में भी विपक्ष ने सरकार का साथ नहीं दिया। वे सिर्फ बयानबाजी करते रहे। भाजपा के किसी भी सांसद ने राहत पैकेज का मामला केंद्र में नही उठाया।
सरकार हिमाचल में शिक्षा का गुणात्मक सुधार चाहती है। इसकी शुरुआत की गई है। अगले सत्र से सभी स्कूलों में पहली कक्षा के बच्चे अंग्रेजी माध्यम से पढ़ेंगे। सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य को मिडल और प्राइमरी स्कूल की प्रशासनिक शक्तियां प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आपदा में मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने पर पहले डेढ़ लाख मिलते थे। सरकार ने कानून बदला और यह राहत राशि सात लाख की। आंशिक नुकसान की राशि भी 5,000 रुपये की जगह एक लाख की। कुल्लू में ही पहली किस्त के तौर पर करीब 34 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। स्वरोजगार के लिए भी नई योजना शुरू की है। जिसके पास तीन बीघा जमीन है तो वहां सरकार सोलर प्लांट लगाएगी। इसकी एवज में 20 हजार रुपये प्रतिमाह का किराया भूस्वामी को दिया जाएगा।
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