Aligarh News: अस्पताल में दो रैन बसेरे, दोनों पर जड़े हैं ताले, चॉबी पूछते रह जाओगे

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People sleeping outside in night shelters in the hospital

जिला अस्पताल रैन बसेरा में पड़ा ताला
– फोटो : संवाद

विस्तार


अलीगढ़ के जिला अस्पताल मलखान सिंह के रैन बसेरे में अगर आपको सोना है, तो पहले इसकी चाबी आपको ढूंढनी होगी। यहां बने दोनों रैन बसेरों में ताला जड़ा रहता है। जिसके कारण तीमारदार ठिठुरने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड में तीमारदार रैन बसेरों के बाहर सो रहे हैं। 

मलखान सिंह जिला अस्पताल में तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। लेकिन, उस पर ताला लटका रहता है। जिससे तीमारदार को परेशानी होती है। जिला अस्पताल में कहने को दो रैन बसेरे हैं। एक रैन बसेरा ब्लड बैंक के सामने है। वहीं दूसरा रैन बसेरा वार्ड नंबर 9 के पास है। लेकिन, दोनों ही रैन बसेरों में ताला रहता है। कड़ाके की ठंड में रात के समय तीमारदार सोने के लिए परेशान रहते हैं।

ठंड में सोते मरीज 

रात के समय तीमारदार अलाव के सहारे समय गुजारते हैं। या फिर इधर से उधर भटकते रहते हैं। इस मामले में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ब्लड बैंक और वार्ड नंबर नौ के पास रैन बसेरे बने हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इनकी चाबी ब्लड बैंक और वार्ड नंबर नौ में रहती है। यहां संपर्क नंबर भी लिखा है। अगर कोई भी व्यक्ति इसका उपयोग करना चाहे तो संपर्क कर चाबी ले सकता है।

गार्ड न होने से परेशानी

दोनों ही रैन बसेरों में गार्ड की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में रैन बसेरों की सुरक्षा और व्यवस्था का कोई जिम्मेदार नहीं है। इसके कारण दोनों जगहों पर ताला लगा है। अगर यहां किसी कर्मचारी की तैनाती हो जाए, तो समस्या हल हो सकती है।

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