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Ayodhya Hanumangarhi famous laddu
– फोटो : अमर उजाला
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तिरुपति बालाजी की तर्ज पर अयोध्या हनुमानगढ़ी का लड्डू जल्द ही जीआई उत्पाद में शामिल होगा। काशी के जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने हनुमानगढ़ी लड्डू को जीआई टैग में शामिल करने के लिए आवेदन किया है। सोमवार को यह आवेदन स्वीकार हो गया। आने वाले कुछ ही माह में यह लड्डू बौद्धिक संपदा में शुमार होगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस लड्डू की मांग होगी।
सारनाथ के मवइया निवासी जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि ये बहुत ही गौरवपूर्ण क्षण है। सिडबी-लखनऊ, उत्तर प्रदेश के वित्तीय सहयोग और तकनीकी रूप से तैयार अयोध्या हनुमानगढ़ी लड्डू के जीआई आवेदन दस्तावेज को ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन की पूरी टीम के निरंतर प्रयास से तैयार किया गया। इसमें हलवाई कल्याण समिति अयोध्या आवेदक के रूप में शामिल हुई और पूरी तैयारी के साथ जीआई रजिस्ट्री चेन्नई को भेजा गया। इस आवेदन को स्वीकार कर लिया गया है। इसे आवेदन संख्या 1168 में दर्ज किया गया है।
डॉ. रजनीकांत के मुताबिक वर्ष 2005 से जीआई के क्षेत्र में किए गए कार्य में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी आज के दिन शामिल हुई। हनुमानगढ़ी लड्डू के जीआई पंजीकरण कराने का अवसर इस ऐतिहासिक माह में प्राप्त हुआ जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की घड़ी नजदीक आ रही है।
जीआई टैग मिलने से यह लड्डू भारत के बौद्धिक संपदा में शामिल होगा। अयोध्या के हलवाई समाज को इससे लाभ होगा। इस लड्डू की गुणवत्ता, प्रचार-प्रसार, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने के लिए स्थानीय उत्पादकों को लाभ पहुंचाने में सरकार मदद करेगी।
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