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कारसेवक लक्ष्मीस्वरूप ब्रह्मचारी उर्फ फलाहारी बाबा और कारसेवक रविशंकर रस्तोगी
– फोटो : अमर उजाला
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राम लहर के बीच भव्य समारोह में 22 जनवरी को अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी। सदियों तक चले इस संघर्ष में बड़ी संख्या में रामभक्तों को कई तरह से यातनाएं मिलीं, लेकिन इस आंदोलन के प्रणेता थके न हारे।
आंदोलन से जुड़े उन्नाव जिले के कारसेवकों से बताया कि सपना साकार होते देखकर उन्हें जो खुशी है, वह शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। ऐसे ही कारसेवकों में विरल व्यक्तित्व के धनी मंदिर आंदोलन से जुड़े फतेहपुर चौरासी ब्लॉक के जाजामऊ गांव निवासी लक्ष्मीस्वरूप ब्रह्मचारी उर्फ फलाहारी बाबा अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए 34 वर्षों से उपवास पर हैं।
उनका संकल्प है कि वह अयोध्या जाएंगे और वहां पूजन करने के बाद अन्न ग्रहण करेंगे। फलाहारी बाबा 13 साल की उम्र में वैराग्य लेकर पास के लोनारपुर गांव में स्थित मां भुवनेश्वरी पीठ के दंडी स्वामी देवाश्रम के शिष्य बने। 1988 में वह बजरंग दल के ब्लॉक संयोजक बने।
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