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प्रमुख व्रत और त्योहार
विस्तार
पिछले साल अधिमास के चलते व्रत व त्योहार एक माह आगे पड़े थे। इसके चलते ज्यादातर त्योहार नवंबर में पड़े थे, मगर इस बार अक्तूबर में त्योहारों की धूम रहेगी। दशहरा, दिवाली व पितृपक्ष इसी माह में ही पड़ेगा। होली 25 मार्च को है तो देव दिपावली 15 नवंबर को है।
नए साल सनातनी पंचांगों के अनुसार व्रत व त्योहार भी शुरू हो गया है। इस बार जनवरी, फरवरी, मार्च, मई, जुलाई, अगस्त, सितंबर में दा-दो ही त्योहार पड़ रहे हैं। जून में केवल रथयात्रा का पर्व मनाया जाएगा। अक्तूबर में ही प्रमुख पांच व्रत व त्योहार मनाया जाएगा। जबकि पिछले साल तीन साल बाद आने वाले अधिमास से सावन दो माह, चातुर्मास पांच माह और 13 माह का साल हो गया था। ज्योतिष विद् विमल जैन के अनुसार अगले तीन साल बाद अधिमास आएगा। तब तक त्योहार तिथियां 14 व 15 दिन की होंगी। इससे त्योहार अमूमन जिस मास में पड़ता है। उसी में पड़ेगा।
ये है प्रमुख त्योहार
मकर संक्रांति 15 जनवरी, मौनी अमावस्या 9 फरवरी, बसंत पंचमी 14 फरवरी, महाशिवरात्रि आठ मार्च, होलिका दहन 24 मार्च, होली 25 मार्च, वासंतिक नवरात्र का शुरू 9 अप्रैल, रामनवमी 17 अप्रैल, अक्षय तृतीया 10 मई, बुद्ध पूर्णिमा 23 मई, रथयात्रा 20 जून, गुरुपूर्णिमा 21 जुलाई, रक्षाबंधन 19 अगस्त, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त, विश्वकर्मा पूजा व अनंत चतुर्दशी 17 सितंबर, पितृ विसर्जन दो अक्तूबर, शारदीय नवरात्र तीन अक्तूबर, विजयादशमी 13 अक्तूबर, करवा चौथ 20 अक्तूबर, हनुमत जन्मोत्सव 30 अक्तूबर, दिवाली 31 अक्तूबर, भइया दूज तीन नवंबर, डाल छठ सात नवंबर, कार्तिक पूर्णिमा 15 नवंबर, क्रिसमस 25 दिसंबर को पड़ेगा।
ये व्रत हैं प्रमुख
भौम प्रदोष, शनि प्रदोष, सोम प्रदोष, गुरु प्रदोष, निरजला एकादशी, कुशोत्पटनी एकादशी, मार्गशीष मास की भैरवाष्टमी, कार्तिक पूर्णिमा प्रमुख रूप से हैं।
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