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16 जनवरी से पूजन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी. रामलला के आसन का भी पूजन किया जाएगा. आसन के नीचे कुल 45 द्रव्य रखे जाएंगे.

17 जनवरी को श्रीविग्रह का परिसर भ्रमण कराया जाएगा तथा गर्भगृह का शुद्धिकरण होगा.

18 जनवरी से अधिवास प्रारंभ होगा. दोनों समय जलाधिवास, सुगंध और गंधाधिवास भी होगा.

19 जनवरी को प्रातः फल अधिवास और धान्य अधिवास होगा.

20 जनवरी को सुबह पुष्प और रत्न व शाम को घृत अधिवास होगा.

21 जनवरी को प्रात: शर्करा, मिष्ठान और मधु अधिवास व औषधि और शैय्या अधिवास होगा.

22 जनवरी को मध्य दिवस में रामलला के विग्रह की आंखों से पट्टी हटायी जाएगी और उन्हें दर्पण दिखाया जाएगा. इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहेंगे.
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