J&K: 26 जनवरी से पहले स्पोर्टस कोटा में भर्ती की प्रक्रिया होगी पूरी, 1 KM से अधिक दूर नहीं खुलेंगे स्कूल- LG

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lg manoj sinha said process of recruitment in sports quota to completed before January 26

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
– फोटो : डीआईपीआर

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उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में अब एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर सरकारी स्कूल नहीं खुलेंगे। 26 जनवरी से पहले स्पोर्ट्स कोटा में भर्ती की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की जा रही है।

साथ ही एलजी ने कहा कि हथियारों के लाइसेंस बनाने तथा लाइसेंस के नवीनीकरण पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। प्रदेश में नए लाइसेंस बन रहे हैं और नवीनीकरण भी हो रहा है। पहले लाइसेंस बनाने में गड़बड़ी के कारण इस पर रोक लगी थी। 

लोहड़ी पर राजभवन में पत्रकारों से अनौपचारिक रूप से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लाइसेंस बनाने में गड़बड़ियों की वजह से नए लाइसेंस बनाने तथा नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन अब इस पर किसी प्रकार का रोक नहीं है। 

उन्होंने कहा कि 500 से ज्यादा स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव है। अव्यवस्थित तरीके से इसे बनाया गया है। एक ही पंचायत में दो-दो स्कूल हैं। राजभवन में काम करने वाले चपरासी के गांव में डिग्री कॉलेज तक खोल दिया गया है। यह सारी विरासत में मिली पूंजी है। वह इसे खर्च नहीं कर सकते। लेकिन अब पूरी तरीके से मैपिंग कर ली गई है। नियम है कि एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर स्कूल नहीं होने चाहिए। इसी नियम को ध्यान में रखते हुए भविष्य में स्कूल खुलेंगे, यानी एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर बच्चों को नहीं जाना पड़ेगा।

उप राज्यपाल ने कहा कि 2020 से अब तक 31830 सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 12264 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। एसआई की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है और गृह मंत्रालय ने इसे मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि मार्च तक चार हजार एसआई पुलिस विभाग का हिस्सा बन जाएंगे। 

एसआरओ 43 में नियुक्ति की प्रक्रिया काफी जटिल है। इसके तहत 600-700 मामले हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर में समिट होने के बाद भी काम बहुत प्रगति पर नहीं है। इसमें आवश्यक सुधार की कोशिश की जा रही है। 

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जमीन के लीज को लेकर थोड़ी तकनीकी दिक्कत थी। दरअसल यहां जमीन की लीज 40 वर्ष के लिए होती है जिसे 90 साल तक नवीनीकरण कराया जा सकता है। इस कमी को दूर कर लिया गया है। जल्द ही यहां बड़े अस्पताल का नींव पत्थर रखा जा सकता है।

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