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पीड़ित साधु
– फोटो : सोशल मीडिया
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पश्चिमी बंगाल के पुरुलिया में जिन तीन साधुओं पर भीड़ ने हमला कर उनकी पिटाई की थी, वो बरेली के बिशारतगंज कस्बे के रहने वाले पिता-पुत्र है। घटना के बाद पीड़ित साधु घर वापस आ रहे हैं। वहां की पुलिस ने बरेली पुलिस से घटनाक्रम की जानकारी ली थी। वहीं, साधुओं पर हमले को लेकर राजनीतिक भी शुरू हो गई है। भाजपा ने ममता सरकार को निशाने पर लिया है।
बरेली के बिशारतगंज में गोस्वामी साधुओं की पूरी बस्ती है। इन्हीं में से कुछ साधु गंगासागर यात्रा पर निकले थे। तीन साधुओं मधुरनाथ गोस्वामी, उनके बेटे सुनील गोस्वामी व दूसरे बेटे प्रमोद गोस्वामी पुरुलिया से होकर गुजर रहे थे। वहां दूसरे स्थानों के 20 श्रद्धालुओं समेत इन पिता-पुत्रों पर पुरुलिया जिले में भीड़ ने हमला कर दिया। उनकी जमकर पिटाई कर दी थी।
भीड़ हिंसा में 12 आरोपी गिरफ्तार
पुरुलिया पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहां की पुलिस ने बिशारतगंज थाना प्रभारी दीप चंद्र को कॉल कर साधुओं के बारे में जानकारी मांगी। रविवार सुबह बिशारतगंज पुलिस ने बस्ती में जाकर जानकारी की।
बंगाल पुलिस को बताया गया कि सभी स्वच्छ छवि के लोग हैं और जगह-जगह धार्मिक यात्राओं में जाते रहते हैं। वहां की पुलिस ने तीनों साधुओं को बरेली रवाना कर दिया। यहां रहने वाले परिचितों ने उन्हें कॉल कर घटना की जानकारी ली।
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