Makar Sankranti: देव डोलियां ने किया स्नान, ढोल-नगाड़ों के साथ मां गंगा की जयकारों से गूंजी नगरी, तस्वीरें

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Makar Sankranti 2024 Photos: देशभर में आज मकर संक्रांति का त्योहार धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति के पर्व का विशेष महत्व होता है। देवभूमि उत्तराखंड में भी इस पर्व को लेकर लोगों में भारी उत्साह रहता है। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही गंगा घाटों पर बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। देव डोलियां भी गंगा स्नान के लिए पहुंची हैं। 

मकर संक्रांति पर गंगा स्नान, सूर्यपूजा और दान का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व बहुत ही विशेष योग में मनाया जा रहा है। देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी के संगम पर  श्रद्धालु गंगा स्नान व पूजन के लिए उमड़ पड़े। कई स्थानों की देव डोलियों ने तड़के दो बजे संगम व गंगा तट पर सूर्योदय से पहले का गुप्त स्नान भी किया गया। मकर राशि में सूर्य के प्रवेश के साथ ही संक्रांति पर्व का पुण्यकाल शुरू हो गया है।




मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के लिए देव डोलियों के साथ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।


कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा भागीरथी में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। दर्जनों देव डोलियों की मौजूदगी में ढोल-नगाड़ों की आवाज और मां गंगा के जयकारों से पूरी काशी नगरी गुंजायमान हो रही है।


उत्तरकाशी के पौराणिक मणिकर्णिका घाट, केदार घाट, लक्षेश्वर, शंकर मठ, नाकुरी, देवीधार, गंगोरी अस्सी गंगा तट सहित आदि स्नान घाटों पर तड़के चार बजे ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।


स्नान पर्व पर बाडाहाट क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता, बाडागड्डी क्षेत्र के आराध्य हरिमहाराज, खंडद्धारी माता, कैलापीर, नाग देवता, घंडियाल देवता, बाल कंडार, नागणी देवी, रनाड़ी के कचडू देवता, डुंडा की रिंगाली देवी, सहित धनारी क्षेत्र नागराजा, त्रिपुरा माता, चंदणनाग, राजराजेश्वारी आदि दर्जनों देवी-देवताओं की डोलियां, ढोल, निशान आदि के साथ हजारों श्रद्धालु उत्तरकाशी पहुंचे और गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।

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