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पुलिस की पाठशाला
– फोटो : संवाद
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सोशल मीडिया या फोन काल कर आपसे आपके बैंक खाता की डिटेल पूछे, या आपके खाते में पैसे जमा और ओटीपी आदि के बारे में जानकारी मांगे तो समझ लेना चाहिए कि धोखाधड़ी हो सकती है। अपने बैंक खाते की जानकारी या ओटीपी बिल्कुल भी साझा न करें, तो ऐसे में साइबर क्राइम से बचा जा सकता है। यह बात शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चैलचौक में अमर उजाला फाउंडेशन के सौजन्य से आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने कही। एसपी ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि भाग लिया।
एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने विद्यार्थियों के साथ साइबर क्राइम और ऑनलाइन धोखाधड़ी के संबंध में वार्तालाप किया। कहा कि सोशल मीडिया लोगों को बेवकूफ बनाकर बिजनेस करने का जरिया है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपने पढ़ने और खेलने के लिए समयसारिणी बनाने को कहा। दिनभर में एक घंटा ही फोन को दो, इससे ज्यादा नहीं। कहा कि ऑनलाइन गेम्स धोखाधड़ी है। इससे बच्चों को बचना चाहिए। कहा कि यह उम्र 12 घंटे काम करने की है। इस समय में जो घिस जाता है वह जिंदगी में कभी पीछे नहीं रहता। पुलिस की पाठशाला में एसएचओ गोहर निर्मल सिंह, प्रधानाचार्य बृज लाल समेत स्कूल प्रबंधन ने भाग लिया।
चैलचौक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री से कई सवाल भी किए।
प्रश्न : फोन हैक हो जाए तो क्या करें। -रोहित ठाकुर, जमा एक
उत्तर : पहले पासवर्ड आदि सिक्योर कर फोन को फॉरमेट करें। इससे पहले पेनड्राइव या कंप्यूटर में डाटा अलग स्टोर कर लें। पुलिस की मदद भी ले सकते हैं।
प्रश्न: साइबर क्राइम के कितने प्रकार हैं। -लक्ष्य, जमा एक
उत्तर: साइबर क्राइम कई तरह के हैं। इसमें बैंक फ्रॉड, सैक्सटारिटियो, फेक आईडी आदि, इनसे बचना चाहिए।
प्रश्न : साइबर टेरोरिज्म क्या है। -कशिश, जमा एक
उत्तर : ये घातक है, इसमें दंगे भड़काना, किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना और उपद्रव फैलाने की कोशिश करना इसमें शामिल है।
प्रश्न: आईपीएस बनने के लिए क्या करें। -पंकज जमा एक
उत्तर: पढ़ें और मेहनत करें। पुलिस में चार स्पर पर भर्ती होती है।
प्रश्न : अपराधी को ट्रैक कैसे करें। -कोमल जमा दो
उत्तर : कोई शिकायत हो तो अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की मदद लें।
प्रश्न: ऑनलाइन वीडियो बनने पर क्या करें। -शिवांजली जमा दो
उत्तर : सबसे पहले पुलिस में शिकायत दें। दूसरों को भी सचेत और जागरूक करें।
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