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एक पिंक बूथ…
– फोटो : अमर उजाला
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इस बार नारी शक्ति ने अपने दम पर 68 पिंक बूथों पर मतदान संपन्न करवाया। मतदाताओं के लिए रेड कार्पेट बिछाए और मतदान केंद्र के द्वार को फूलों से सजाकर स्वागत किया। बुजुर्ग मतदाताओं के साथ बीएलओ ने सेल्फी खींची और पहली बार वोट करने आए मतदाताओं से हाथ मिलाया। सुरक्षा की जिम्मेदारी भी महिला पुलिसकर्मियों ने संभाली और सभी बूथों पर शांतिपूर्वक मतदान को पूरा कराया।
पूर्वी दिल्ली में समसपुर गांव के अंदर स्कूल में पिंक बूथ बनाया गया था। यहां सेक्टर अधिकारी संघप्रिया के नेतृत्व में मतदान संपन्न हुआ। दो बीएलओ पूनम पाठक और अर्चना गोला ने अपनी जिम्मेदारियों का कुशलता से निर्वहन किया। सब इंस्पेक्टर सोनम, हेड कांस्टेबल शीतल, माया, आशा, मनीषा और गुड्डी ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। संघप्रिया ने बताया कि यहां दो पोलिंग बूथ थे। इनमें से एक सामान्य था। लेकिन दोनों को पिंक की तरह से विकसित किया गया। यहां पर छह महिला सुरक्षाकर्मियों, दो बीएलओ, पोलिंग टीम की चार अन्य महिला सदस्यों ने पूरी मतदान प्रक्रिया को संभाला।
मतदान केंद्र को पिंक थीम पर सजाया गया। द्वार से ईवीएम तक रेड कार्पेट बिछाई गई थी। हेल्प डेस्क, जरूरतमंद लोगों को मतदान केंद्र लाने ले जाने के लिए ई-रिक्शे और फर्स्ट एड का भी इंतजाम किया गया था। मतदान केंद्र पर व्लील चेयर की व्यवस्था थी। इस बूथ पर कुल मतदाताओं के लिहाज से मतदान का प्रतिशत दोपहर 2.20 बजे तक कम था। केवल 21 फीसदी मतदान हुआ था। संघप्रिया ने बताया कि मतदान के दो दिन पूर्व घर घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया था और चौपाल भी लगाई गई थी। लेकिन वोट देने में कम लोगों ने दिलचस्पी दिखाई।
रंग-बिरंगी सियासी टोपियों ने उड़ाया आचार संहिता का मजाक
मतदान के दौरान रंग-बिरंगी सियासी टोपियों ने चुनाव आचार संहिता का जमकर मजाक उड़ाया। लगभग सभी कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी के झंडे के रंग की टोपियां पहनी हुईं थीं। सभी पोलिंग बूथ के आसपास मंडराकर मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे थे। कुछ जगहों पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें टोक कर टोपियां उतरवा दीं, लेकिन ज्यादातर जगह लोग टोपी का किसी पार्टी से संबंध न होने की बात कर बच रहे थे। कुछ लोगों ने तो पार्टी के झंडे के रंग के कपड़े तक पहने हुए थे। वहीं, महिलाएं भी इस मामले में पीछे नहीं दिखीं। उन्होंने भी झंडे के रंग की चुन्नियां पहनी हुई थीं।
ओखला विधानसभा के कई मतदान केंद्रों के आसपास कुछ ऐसा ही नजारा था। किसी ने केसरिया तो किसी ने हरे, लाल व नीले रंग की टोपियां पहनी हुईं थीं। एक पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता ने बताया कि अपने कार्यकर्ताओं की पहचान करने के लिए चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद इस तरह की टोपियां बनाकर बांट दी जाती हैं। मतदान वाले दिन इनका खूब इस्तेमाल होता है। वोटरों को घर से निकालकर केंद्रों तक पहुंचाने और अपने लिए वोट मांगने में इनका इस्तेमाल होता है, चूंकि टोपियों पर किसी भी पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं होता। ऐसे में कोई चाहकर भी कुछ नहीं कर पाता। हालांकि, जामिया नगर के अबुल फजल एंक्लेव इलाके में पुलिस ने जबरन ऐसे कार्यकर्ताओं की टोपियां उतरवा दीं, लेकिन महिला कार्यकर्ताओं से कुछ न कह सके।
पैसे बांटने की झूठी सूचना से हड़कंप
दक्षिण जिले की आंबेडकर नगर थाना पुलिस को रविवार दोपहर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से पैसे बांटकर मतदाताओं को प्रभावित करने की सूचना मिली। सूचना वार्ड नंबर-166, पुष्प विहार के आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी अरुण नवारिया ने दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कई घंटे की जांच के बाद सूचना को झूठा करार दे दिया।
डीसीपी चंदन चौधरी ने बताया कि अरुण नवारिया ने दोपहर 1:21 बजे सूचना दी थी कि बुद्धा पार्क मदनगीर में भाजपा के कार्यकर्ता मतदाताओं को पैसे बांट रहे हैं। थानाध्यक्ष व एटीओ इंस्पेक्टर बीडी मीणा को मौके पर भेजा गया तो एक भी भाजपा कार्यकर्ता नहीं मिला। पुलिस को मदनगीर निवासी प्रदीप (25) मिला, लेकिन उसका किसी भी पार्टी से संबंध नहीं था। प्रदीप ने बताया कि वह गुरुग्राम में एक फर्नीचर वर्कशॉप में काम करता है। डीसीपी ने बताया कि दक्षिण जिले में कहीं भी पैसे नहीं बांटे गए और मतदान सभी जगहों पर शांतिपूर्ण रहा।
आयोग ने पल्ला झाड़ा
एमसीडी चुनाव के दौरान रविवार को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार समेत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में नहीं मिलने के मामले में दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने पल्ला झाड़ लिया है। आयोग का कहना है कि वह न मतदाता सूची में नाम जोड़ता है और न ही हटाता है। इसके अलावा मतदाता सूची को भी अंतिम रूप भी नहीं देता है। वह एमसीडी चुनाव के दौरान भारत के निर्वाचन आयोग के अधीन दिल्ली के मुख्य चुनाव कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली मतदाता का उपयोग करता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने व हटाने का कार्य केवल दिल्ली के मुख्य चुनाव कार्यालय करता है।
सुबह डाले वोट, शाम को मस्ती
राजधानी में रविवार को मतदान करने के बाद लोगों ने शाम को परिवार के साथ मौज मस्ती की। दिल्ली के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर लोगों का हुजूम देखने को मिला। इंडिया गेट, लाल किला, जामा मस्जिद, पुराना किला व चिडिय़ाघर में शाम तक लोगों की काफी भीड़ दिखी।
मताधिकार का प्रयोग करने के बाद शहरवासी मस्ती के मूड में दिखे। सबसे अधिक भीड़ लाल किला और चिडिय़ाघर में देखी गई। परिवार के साथ चिडिय़ाघर पहुंचे रमेश आहूजा ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही घूमने की योजना बना ली थी। इस वजह से सुबह जल्दी ही परिवार के साथ मतदान किया। इसके बाद घूमने निकल गए। वहीं, तिलक नगर से पहुंची शांति गुप्ता ने कहा कि छुट्टी का दिन होने की वजह से उन्होंने बच्चों को चिडिय़ाघर दिखाने की योजना बनाई थी। इसलिए मतदान के बाद सीधे चिडिय़ाघर का रुख किया। लाल किला देखने के लिए पटेल नगर से पहुंचे आशुतोष यादव ने कहा कि मतदान करने के बाद घर में रहने से बेहतर है कि परिवार के साथ किसी पर्यटन स्थल पर समय बिताया जाए।
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