Ajay Rai: बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन कर धारा 144 के उल्लंघन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दोषमुक्त, ये है मामला

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State Congress President  acquitted Ajay Rai of violation of Section 133 by protesting without permission

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– फोटो : अमर उजाला

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27 वर्ष पूर्व बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन कर आवागमन बाधित करने और धारा 144 के उल्लंघन के मामले में आरोपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को कोर्ट ने बरी कर दिया। अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन प्रथम/एमपी-एमएलए जिस्ट्रेट कोर्ट उज्जवल उपाध्याय की अदालत में विचाराधीन इस मामले में अदालत ने अभियोजन द्वारा आरोप सिद्ध न कर पाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को दोषमुक्त कर दिया। अदालत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव व बृजपाल सिंह यादव ने पक्ष रखा। 

प्रकरण के अनुसार तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जेबी सिंह ने अदालत में परिवाद दर्ज कराया था। आरोप था कि 11 सितंबर 1996 को दिन में करीब 12 बजे अजय राय, राजेश रंजन, रामाश्रय, सुरेश उपाध्याय, विनोद कुमार, प्रवीण कुमार, सच्चिदानंद, सत्यम राय, अशोक कुमार, विनोद कुमार, सत्येंद्र सिंह, अमरनाथ, जयप्रकाश, राकेश, लालजी दुबे अपने 350-400 अन्य समर्थकों को साथ लेकर 200-250 गाड़ियों से जुलूस के रूप में नारे लगाते हुए जौनपुर-वाराणसी मुख्य मार्ग से शिवपुर बाईपास से कचहरी वाराणसी जाने वाली सड़क पर नामांकन के विषय में मुख्य मार्गों को घेरकर अवरोध उत्पन्न कर दिया। साथ ही गाड़ियों के भीतर तथा छतों पर बैठे हुए लोग अजय राय के समर्थन में उत्तेजक नारे लगाते हुए पूरे मुख्य मार्ग को अवरुद्ध किया। 

इस दौरान जब पुलिस ने जनपद में धारा 144 लगे होने का हवाला देकर उन्हें मना करते हुए उक्त जुलूस का अनुमति पत्र मांगा तो वह लोग किसी भी प्रकार की अनुमति पत्र नहीं दिखा सके। वहीं उनके इस कृत्य से पुलिस प्रशासन के समक्ष शांति व्यवस्था बनाए रखने में समस्या होने लगी। इस मामले में अदालत ने अजय राय समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया था। 

इसी मामले में 10 नवंबर 2023 को अजय राय का धारा 313 के तहत बयान मुल्जिम दर्ज किया गया। अदालत में अभियोजन की ओर से कुल चार गवाह पेश किए गए। बरी होने के बाद अधिवक्ता अनुज यादव ने कहा धारा 144 का उल्लंघन तब माना जायेगा जब उसकी जानकारी हो, इसकी जानकारी अजय राय को नहीं थी। इन परिस्थितियों में कोर्ट ने बरी कर दिया।

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