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मंत्री आतिशी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित डीयू के 12 कॉलेजों में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शिक्षा मंत्री आतिशी ने आरोप लगाते हुए उच्च शिक्षा सचिव को इन कॉलेजों में अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेजों द्वारा बुनियादी मानदंडों का उल्लंघन किया गया है। इन कॉलेजों में अवैध रूप से सृजित पदों और नियुक्तियों के दोषी प्राचार्यों और प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान की जाए।
वहीं, अवैध पदों पर नियुक्त स्टाफ सदस्यों से 2015 से भुगतान किए गए वेतन की वसूली सहित इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि इन कॉलेजों को सरकारी खजाने से वित्त पोषित किया जाता है, इस वजह से धन के किसी भी दुरुपयोग के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
इन कॉलेजों में शिक्षण कर्मचारियों के 1365 और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 1173 पद सृजित किए गए थे। इनमें से केवल 426 और 215 पदों के लिए सरकार की मंजूरी प्राप्त की गई है। कॉलेजों में वर्तमान में 939 शैक्षणिक पद और 958 अवैध गैर-शिक्षण पद हैं। ये पद प्रारंभ से ही अवैध रूप से सृजित हैं, इस वजह से इन पदों पर की गई सभी नियुक्तियां (तदर्थ या स्थायी) अवैध हैं।
इन कॉलेजों द्वारा अनियमितताओं के परिणामस्वरूप 1897 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अवैध रूप से नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना कॉलेज प्राचार्य और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए। हालांकि, मौजूदा कर्मचारियों को दंडित नहीं किया जा सकता है, लेकिन इन कॉलेजों के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कॉलेजों ने ऑडिट रिपोर्ट नहीं की प्रस्तुत
आतिशी ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि इन कॉलेजों ने ऑडिट रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की है। इन कॉलेजों को प्रदान किया गया धन सार्वजनिक धन है और सरकार करदाताओं के प्रति जवाबदेह है। ये कॉलेज उल्लंघन कर रहे हैं। सरकार के ऑडिट निदेशालय ने अपनी रिपोर्ट में इन 12 कॉलेजों में से 6 का विशेष ऑडिट शामिल किया है।
यह 2020 में किया गया था। इसमें इन कॉलेजों की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इन खामियों में सरकारी खजाने से सैकड़ों करोड़ रुपये का व्यय शामिल है। इसमें आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज, अदिति महाविद्यालय, शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज, डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज समेत कई कॉलेज शामिल हैं।
नियमों की अनदेखी कर दिए करोड़ों के ठेके
इन कॉलेजों में सुरक्षा और स्वच्छता कार्य के लिए भी नियमों का पालन किए बिना करोड़ों रुपये के ठेके दिए गए। दिल्ली सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा अनुमोदित सहायता अनुदान जारी करने के लिए बही-खाते के बुनियादी लेखांकन मानदंडों और सहायता के पैटर्न के प्रावधान का भी पालन नहीं किया गया है।
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