Himachal Election 2022: 59,000 सर्विस मतदाताओं में से 47,000 ने डाला वोट, कड़े सुरक्षा घेरे में होगी मतगणना

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प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग

प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग
– फोटो : अमर उजाला

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चुनाव ड्यूटी के सर्विस वोटरों ने अब तक 79 फीसदी मतदान किया है। विधानसभा चुनाव में ड्यूटी पर तैनात 59,000 कर्मचारियों को मत पत्र जारी किए गए थे। इनमें से 47,000 सर्विस वोटरों ने मतदान किया है। प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में 58,000 सर्विस वोटरों को मतपत्र जारी किए गए थे।  इनमें 45,000 ने वोट डाला था। इस बार सर्विस वोटरों को 9.3 फीसदी अधिक मतपत्र जारी किए गए हैं। बता दें कि इस बार सर्विस वोटरों को 60,000 मतपत्र जारी हुए थे। इनमें 1,000 कर्मचारियों ने फार्म-12 भरकर वापस नहीं दिया है। ऐसे में 59,000 सर्विस वोटर ही मतदान के लिए पात्र हैं। गर्ग के अनुसार सेना के सर्विस वोटरों कुल 67,500 मतपत्र दिए गए थे। इनमें 20,000 वोटर चुनाव अधिकारियों को पास पहुंच चुके हैं। 

कड़े सुरक्षा घेरे में चुनाव आयोग 8 दिसंबर को कराएगा मतगणना
 चुनाव आयोग कड़े सुरक्षा घेरे में 8 दिसंबर को मतगणना करवाएगा। इस दौरान मतगणना ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा कोई भी मोबाइल फोन और अन्य गैजेट्स साथ नहीं ले जा पाएगा। इसके लिए मतगणना केंद्र के बाहर तैनात सुरक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। मतगणना केंद्र के बाहर विजयी जुलूस निकालने पर भी रोक रहेगी। चुनाव आयोग के तैनात किए प्रत्येक मतदान केंद्र में पांच वीवीपैट का चयन खुद चुनाव पर्यवेक्षक करेंगे। इसके बाद चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में इन वीवीपैट से निकली पर्चियों की जांच भी मतगणना के दौरान की जाएगी।

चुनाव आयोग ने यह व्यवस्था इसलिए की है, ताकि नतीजे आने के बाद कोई प्रत्याशी या पार्टी ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत न कर सके। इन वीवीपैट से निकली पर्चियों की यह जांच की जाएगी कि कहीं एक ही राजनीतिक दल के प्रत्याशियों के नाम की पर्चियां ईवीएम का बटन दबाने से तो नहीं निकलीं। इन वीवीपैड की पर्चियों की जांच रिपोर्ट संबंधित पर्यवेक्षक चुनाव आयोग के पास तत्काल भेजेंगे।  दूसरी ओर, मतगणना अधिकारियों और कर्मचारियों को मतगणना से ठीक एक दिन पहले यानी 7  दिसंबर को दूसरे चरण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगर किसी अधिकारी और कर्मचारी को मतगणना से संबंधित प्रक्रिया में कोई संदेह रहता है तो इसे भी दूर किया जाएगा। 

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चुनाव ड्यूटी के सर्विस वोटरों ने अब तक 79 फीसदी मतदान किया है। विधानसभा चुनाव में ड्यूटी पर तैनात 59,000 कर्मचारियों को मत पत्र जारी किए गए थे। इनमें से 47,000 सर्विस वोटरों ने मतदान किया है। प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में 58,000 सर्विस वोटरों को मतपत्र जारी किए गए थे।  इनमें 45,000 ने वोट डाला था। इस बार सर्विस वोटरों को 9.3 फीसदी अधिक मतपत्र जारी किए गए हैं। बता दें कि इस बार सर्विस वोटरों को 60,000 मतपत्र जारी हुए थे। इनमें 1,000 कर्मचारियों ने फार्म-12 भरकर वापस नहीं दिया है। ऐसे में 59,000 सर्विस वोटर ही मतदान के लिए पात्र हैं। गर्ग के अनुसार सेना के सर्विस वोटरों कुल 67,500 मतपत्र दिए गए थे। इनमें 20,000 वोटर चुनाव अधिकारियों को पास पहुंच चुके हैं। 

कड़े सुरक्षा घेरे में चुनाव आयोग 8 दिसंबर को कराएगा मतगणना

 चुनाव आयोग कड़े सुरक्षा घेरे में 8 दिसंबर को मतगणना करवाएगा। इस दौरान मतगणना ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा कोई भी मोबाइल फोन और अन्य गैजेट्स साथ नहीं ले जा पाएगा। इसके लिए मतगणना केंद्र के बाहर तैनात सुरक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। मतगणना केंद्र के बाहर विजयी जुलूस निकालने पर भी रोक रहेगी। चुनाव आयोग के तैनात किए प्रत्येक मतदान केंद्र में पांच वीवीपैट का चयन खुद चुनाव पर्यवेक्षक करेंगे। इसके बाद चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में इन वीवीपैट से निकली पर्चियों की जांच भी मतगणना के दौरान की जाएगी।

चुनाव आयोग ने यह व्यवस्था इसलिए की है, ताकि नतीजे आने के बाद कोई प्रत्याशी या पार्टी ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत न कर सके। इन वीवीपैट से निकली पर्चियों की यह जांच की जाएगी कि कहीं एक ही राजनीतिक दल के प्रत्याशियों के नाम की पर्चियां ईवीएम का बटन दबाने से तो नहीं निकलीं। इन वीवीपैड की पर्चियों की जांच रिपोर्ट संबंधित पर्यवेक्षक चुनाव आयोग के पास तत्काल भेजेंगे।  दूसरी ओर, मतगणना अधिकारियों और कर्मचारियों को मतगणना से ठीक एक दिन पहले यानी 7  दिसंबर को दूसरे चरण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगर किसी अधिकारी और कर्मचारी को मतगणना से संबंधित प्रक्रिया में कोई संदेह रहता है तो इसे भी दूर किया जाएगा। 



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