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श्रीरामलला की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार योगीराज अरुण
– फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या नगरी में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर काफी उल्लास है। अब कुछ ही समय बचा है जब भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इससे पहले श्रीरामलला की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार योगीराज अरुण का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है कि मैं इस धरती पर सबसे भाग्यशाली व्यक्ति हूं… कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं सपनों की दुनिया में हूं।”
बताते चलें कि अब से कुछ देर बाद प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान शुरू हो जाएगा। अभिजीत मुहूर्त में यह पूजा संपन्न होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 12 बजे अयोध्या में नवनिर्मित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेंगे। इस ऐतिहासिक समारोह में देश के सभी प्रमुख आध्यात्मिक और धार्मिक संप्रदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। समारोह में विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधियों सहित सभी क्षेत्रों के लोग भी शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री इस विशिष्ट सभा को संबोधित करेंगे।
प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। सामान्यतः प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सात अधिवास होते हैं। वहीं कम से कम तीन अधिवास प्रचलन में होते हैं। अनुष्ठान का संचालन 121 आचार्य करेंगे। गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ देखरेख करेंगे। अनुष्ठान और प्राण प्रतिष्ठा की सभी कार्यवाही का समन्वय और निर्देशन प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में की जाएगी।
#WATCH अयोध्या: राम लला की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार योगीराज अरुण ने कहा, “मुझे लगता है कि मैं इस धरती पर सबसे भाग्यशाली व्यक्ति हूं… कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं सपनों की दुनिया में हूं।” pic.twitter.com/f4TAcHQ6wz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 22, 2024
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