Shimla: बागवान बोले- मजदूरों का विकल्प बनेगा ड्रोन पर सस्ती हो तकनीक, अनुदान पर उपलब्ध करवाने की मांग

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ड्रोन क्रांति।

ड्रोन क्रांति।
– फोटो : अमर उजाला

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बागीचों से गोदाम और सड़क तक सेब की ढुलाई के लिए ड्रोन लेबर (नेपाली मजदूरों) का विकल्प बनेगा, लेकिन यह तकनीक सस्ती होनी चाहिए। ढुलाई के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बागवान उत्साहित हैं। बहुत से प्रगतिशील बागवान अपने ड्रोन खरीदने के लिए इच्छुक हैं। बागवानों का कहना है कि सरकार को अन्य उपकरणों की तर्ज पर ड्रोन भी अनुदान पर उपलब्ध करवाने के लिए नीति बनानी चाहिए। बागवानों का मानना है कि सेब के अतिरिक्त ड्रोन की मदद से खाद और गोबर भी सड़कों से बागीचों तक पहुंचाया जा सकेगा। हालांकि कुछ बागवान इस तकनीक को ढुलाई के स्थान पर उच्च घनत्व पौध (एचडीपी) बगीचों में छिड़काव के लिए अधिक उपयुक्त मानते हैं।

सेब की ढुलाई के लिए ड्रोन कारगर
सेब की ढुलाई के लिए ड्रोन बेहद कारगर रहेंगे। साल दर साल लेबर की किल्लत बढ़ रही है। बगीचे से गोदामों और सड़क तक 200 किलो भार तक के सेब बॉक्स और क्रेट उठाने में सक्षम ड्रोन बागवानों के लिए बेहद मददगार साबित होंगे।-लोकेंद्र सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसियेशन

जहां सड़कें नहीं वहां ड्रोन फायदेमंद
ऊंचाई वाले सेब उत्पादक क्षेत्र जहां बगीचों तक सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां ड्रोन सुविधा फायदेमंद साबित होगी। सेब ढुलान में ड्रोन का इस्तेमाल स्वागत योग्य पहल है। हालांकि लंबी दूरी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल व्यवहारिक नहीं लगता।-हरीश चौहान, अध्यक्ष, सेब, सब्जी, फूल उत्पादक संघ

तकनीक को सस्ता बनाने के लिए हो रिसर्च
बगीचों से गोदाम तक सेब पहुंचाने के लिए भी अगर ड्रोन का सफल इस्तेमाल हो सके तो बागवानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। आधुनिक तकनीकों को सस्ता बनाने के लिए रिसर्च होनी चाहिए, विदेशों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए।– रामलाल चौहान, प्रगतिशील बागवान कोटखाई

बागवानी में ड्रोन से आएंगे क्रांतिकारी परिवर्तन
बागवानी के क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल होने से क्रांतिकारी परिवर्तन आने की उम्मीद है। 70 फीसदी सेब बागीचे सड़क सुविधा से नहीं जुड़े हैं। ऐसे बागीचों से सेब ढुलाई के अलावा बागीचों तक खाद और गोबर पहुंचाने में भी ड्रोन की मदद ली जा सकेगी।- प्रशांत सेहटा, यंग एंड यूनाइटेड ग्रोवर्स एसोसियेशन

बागवानों को 80 फीसदी सब्सिडी पर मिले ड्रोन
सीजन में नेपाली लेबर के लिए बागवानों को हरिद्वार से लेकर नेपाल बार्डर तक जाना पड़ता है। बागवानों को सरकार 80 फीसदी सब्सिडी पर ड्रोन उपलब्ध करवाए तो बागवान अपने ड्रोन खरीदेंगे। ड्रोन से समय बचेगा और सेब की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।– बलराम हौटा, प्रगतिशील बागवान, जुब्बल

ढुलाई के अलावा छिड़काव के लिए कारगर
सेब उत्पादन के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी है। सेब की ढुलाई के अलावा फसल पर छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक कारगर साबित हो सकती है। जहां सड़क सुविधा नहीं है वहां ड्रोन का इस्तेमाल बागवानों के लिए फायदेमंद साबित होगा।– राजीव चौहान, अध्यक्ष, हिमालयन एप्पल ग्रोवर्स सोसायटी

विस्तार

बागीचों से गोदाम और सड़क तक सेब की ढुलाई के लिए ड्रोन लेबर (नेपाली मजदूरों) का विकल्प बनेगा, लेकिन यह तकनीक सस्ती होनी चाहिए। ढुलाई के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बागवान उत्साहित हैं। बहुत से प्रगतिशील बागवान अपने ड्रोन खरीदने के लिए इच्छुक हैं। बागवानों का कहना है कि सरकार को अन्य उपकरणों की तर्ज पर ड्रोन भी अनुदान पर उपलब्ध करवाने के लिए नीति बनानी चाहिए। बागवानों का मानना है कि सेब के अतिरिक्त ड्रोन की मदद से खाद और गोबर भी सड़कों से बागीचों तक पहुंचाया जा सकेगा। हालांकि कुछ बागवान इस तकनीक को ढुलाई के स्थान पर उच्च घनत्व पौध (एचडीपी) बगीचों में छिड़काव के लिए अधिक उपयुक्त मानते हैं।

सेब की ढुलाई के लिए ड्रोन कारगर

सेब की ढुलाई के लिए ड्रोन बेहद कारगर रहेंगे। साल दर साल लेबर की किल्लत बढ़ रही है। बगीचे से गोदामों और सड़क तक 200 किलो भार तक के सेब बॉक्स और क्रेट उठाने में सक्षम ड्रोन बागवानों के लिए बेहद मददगार साबित होंगे।-लोकेंद्र सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसियेशन

जहां सड़कें नहीं वहां ड्रोन फायदेमंद

ऊंचाई वाले सेब उत्पादक क्षेत्र जहां बगीचों तक सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां ड्रोन सुविधा फायदेमंद साबित होगी। सेब ढुलान में ड्रोन का इस्तेमाल स्वागत योग्य पहल है। हालांकि लंबी दूरी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल व्यवहारिक नहीं लगता।-हरीश चौहान, अध्यक्ष, सेब, सब्जी, फूल उत्पादक संघ

तकनीक को सस्ता बनाने के लिए हो रिसर्च

बगीचों से गोदाम तक सेब पहुंचाने के लिए भी अगर ड्रोन का सफल इस्तेमाल हो सके तो बागवानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। आधुनिक तकनीकों को सस्ता बनाने के लिए रिसर्च होनी चाहिए, विदेशों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए।– रामलाल चौहान, प्रगतिशील बागवान कोटखाई

बागवानी में ड्रोन से आएंगे क्रांतिकारी परिवर्तन

बागवानी के क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल होने से क्रांतिकारी परिवर्तन आने की उम्मीद है। 70 फीसदी सेब बागीचे सड़क सुविधा से नहीं जुड़े हैं। ऐसे बागीचों से सेब ढुलाई के अलावा बागीचों तक खाद और गोबर पहुंचाने में भी ड्रोन की मदद ली जा सकेगी।- प्रशांत सेहटा, यंग एंड यूनाइटेड ग्रोवर्स एसोसियेशन

बागवानों को 80 फीसदी सब्सिडी पर मिले ड्रोन

सीजन में नेपाली लेबर के लिए बागवानों को हरिद्वार से लेकर नेपाल बार्डर तक जाना पड़ता है। बागवानों को सरकार 80 फीसदी सब्सिडी पर ड्रोन उपलब्ध करवाए तो बागवान अपने ड्रोन खरीदेंगे। ड्रोन से समय बचेगा और सेब की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।– बलराम हौटा, प्रगतिशील बागवान, जुब्बल

ढुलाई के अलावा छिड़काव के लिए कारगर

सेब उत्पादन के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी है। सेब की ढुलाई के अलावा फसल पर छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक कारगर साबित हो सकती है। जहां सड़क सुविधा नहीं है वहां ड्रोन का इस्तेमाल बागवानों के लिए फायदेमंद साबित होगा।– राजीव चौहान, अध्यक्ष, हिमालयन एप्पल ग्रोवर्स सोसायटी



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