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Varanasi news
– फोटो : अमर उजाला
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ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद पहले जुमा की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इसे लेकर शुक्रवार को ज्ञानवापी के बाहर श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 के सामने और उसके इर्दगिर्द सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
ज्ञानवापी की एएसआई सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से जारी संदेश में ASI सर्वे रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए गए हैं। इसके साथ ही मुस्लिमों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
संदेश में कहा गया है कि एएसआई ने अपनी ख्याति के अनुरूप रिपोर्ट दे दिया है। यह एक रिपोर्ट है फैसला नहीं है। रिपोर्ट लगभग 839 पेज का है। इसके अध्ययन विश्लेषण में समय लगेगा। एक्सपर्ट्स से राय ली जाएगी। अदालतों में विचार के लिए ले जाया जाएगा। यह मस्जिद 804-42 हिजरी के समय जौनपुर के एक रईस मुक्तकी पर हेज गार मुसलमान ने तामीर कराया था। इसका मतलब है कि अकबर बादशाह से लगभग 150 साल से पहले से मुसलमान नमाज पढ़ते चले आ रहे हैं और आगे भी पढ़ते रहेंगे।
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा है कि हमारी जिम्मेदारी मस्जिद को आबाद रखने की है। मायूसी हराम है, सब्र से काम लेना होगा। दुआओं का एहतमाम करना होगा, क्योंकि हमारे मुल्क में चंद लोग हैं जो मुसलमान और मुसलमानों के किसी भी अधिकार को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। हमारी एकजुटता इस पर भारी पड़ेगी। हमारी अपील है कि बहस मुबाहसा से बचा जाए और पुरअमन रहकर ऐसे मंसूबों को नाकाम कर दिया जाए।
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