मतदान के बाद राजनीतिक दलों की निगाहें बुधवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। वोटिंग प्रतिशत कम होने की वजह से कोई भी दल जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। भाजपा नेता दबी जुबान में मान रहे हैं कि कई वार्ड में आम आदमी पार्टी (आप) के पक्ष में माहौल दिख रहा था। जबकि आम आदमी पार्टी (आप) नेता मतदाताओं के घर से नहीं निकलने से चिंतित हैं। इस मसले में कांग्रेस नेता काउंटिग के दिन तक के इंतजार की नसीहत दे रहे हैं। हालांकि, तीनों राजनीतिक दल टक्कर कांटे की मान रहे हैं। साथ ही यह बता रहे हैं कि हार-जीत का अंतर भी बेहद मामूली रहने के आसार हैं। उधर, पार्टी प्रत्याशी वार्ड स्तर पर सोमवार दिन भर जीत-हार का गुणा-गणित कर लगाते दिखे।
एमसीडी चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा खेमा बहुमत हासिल करने के दावे से बच रहा है। 125 सीट हासिल होने को लेकर पार्टी नेता आश्वस्त नहीं हैं। किसी के पास ऐसा कोई जादुई आंकड़ा नहीं है। हालांकि, इतना जरूर कहा जा रहा है कि अगर किसी को बहुमत नहीं मिलता और उनकी सीटें 110 के करीब रहती हैं तो उनकी सत्ता में वापसी हो जाएगी। भाजपा नेताओं का तर्क है कि सीटों के बंटवारे के बाद कार्यकर्ताओं में असंतोष था। इतना ही नहीं, वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की वजह से कोर वोटर मतदान नहीं कर सके। जबकि सूची देखने के लिए पंच परमेश्वर को जिम्मेदारी दी गई थी। उधर, यह भी माना जा रहा है कि व्यापारियों के एक बड़े वर्ग ने आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया है।
न तो चुनाव समिति की बैठक और न ही प्रदेश पदाधिकारियों की अमूमन भाजपा किसी भी चुनाव के बाद बैठक करती है। सभी जिला, मंडल, समेत प्रदेश पदाधिकारी और चुनाव समिति बैठक कर हार-जीत का आकलन करती है। जिसकी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी जाती है। लेकिन इस बार प्रदेश भाजपा दफ्तर में सन्नाटा ही पसरा रहा। ना तो पदाधिकारियों की ही बैठक हुई और ना ही केंद्रीय नेतृत्व एमसीडी चुनाव को लेकर किसी तरह की गणना करता दिखा। हालांकि इतना जरूर है कि खेमों में बंटी पार्टी ने पहली बार सामूहिक रूप से चुनाव लड़ा। निगम के चुनाव में भाजपा सांसदों ने भी पूरा जोर लगा दिया था। कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री को भी चुनावी जीत और आम आदमी पार्टी के मुखिया को दिल्ली में घेरने की रणनीति तैयार की गई थी।
एग्जिट पोल से आप उत्साहित, परिणाम का इंतजार दिल्ली नगर निगम के चुनाव परिणाम को लेकर जारी एग्जिट पोल से आम आदमी पार्टी उत्साहित है। हालांकि पार्टी अभी कुछ भी कहने से बच रही है। पार्टी का कहना है कि इस बार लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया है। पार्टी नेताओं को रिकॉर्ड सीटों पर जीत हासिल होने की उम्मीद है। पार्टी नेता निगम में करीब 200 सीटों पर जीत की संभावना जता रहे हैं। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि चुनाव में वोट प्रतिशत भले ही कम रहा हो, लेकिन पार्टी के कैडर वोटरों ने पार्टी के समर्थन में ही वोट किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काम को हर कोई पसंद करता है। उनके काम से हर किसी को फायदा हुआ और वह उन्हें जिताने के लिए ही वोट करके गए हैं।
पार्टी कार्यालय में जारी रहा बैठकों का दौर पार्टी सूत्रों का कहना है कि एक दिन पहले हुए मतदान को लेकर सोमवार को पार्टी में दिनभर बैठकों का दौर चला। इस दौरान हर सीटों पर हुए मतदान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही देखा गया कि किस सीट पर आप को ज्यादा वोट मिले। वोट ज्यादा मिलने की वजह क्या रही। महिलाओं ने किसे वोट किया।
कांग्रेस प्रत्याशियों के माथे पर दिखी शिकन एमसीडी चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे से कांग्रेस के नेताओं और प्रत्याशियों के माथे पर शिकन है। मेरी चमकती दिल्ली बनाने के दावे के साथ चुनावी जंग में उतरी पार्टी को अब स्क्रीन पर परिणाम के चमकने का इंतजार है। कांग्रेस को अल्पसंख्यकों की सीट से अभी भी काफी उम्मीदें हैं। मतदान के एक दिन बाद सोमवार को अधिकतर कांग्रेस प्रत्याशियों ने अपने घरों में रहकर लंबे समय की थकान को दूर किया। इस दौरान नेताओं के बीच भी चुनावी समीकरण और परिणाम से एग्जिट पोल को जोड़कर देखा जा रहा था। एग्जिट पोल में कांग्रेस को 10 फीसदी के करीब वोट मिलने की बात कही जा रही है।
अनाधिकृत कॉलोनियों से कांग्रेस को उम्मीदें पार्टी ने पिछले निगम चुनाव में दोगुना से अधिक मत हासिल किए थे। अब देखना है कि इस चुनावी जंग में पार्टी के नेताओं की मेहनत की चमक कितनी होती है। कुछ अनाधिकृत कॉलोनियों से भी कांग्रेस को उम्मीदें हैं लेकिन परिणाम की घोषणा के बाद ही पार्टी की स्थिति स्पष्ट होगी।
मतदाता सूची से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का नाम हटाने की जांच शुरू मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की शिकायत की जांच की जिम्मेवारी जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा और आम आदमी पार्टी की साजिश करार देते हुए दिल्ली राज्य चुनाव आयोग से शिकायत की थी। आयोग ने स्पष्ट किया किया कि सूची में नाम जोड़ने या हटाने का काम सीईओ कार्यालय का है। इस मामले की शिकायत को सीईओ कार्यालय को भेज दिया गया। सूत्रों के मुताबिक इस मामले की जांच का जिम्मा जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) को सौंप दिया गया।
200- सीटों पर जीत की संभावना जता रहे आप नेता
10 प्रतिशत- वोट कांग्रेस को मिलने की बात एग्जिट पोल में कही जा रही
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मतदान के बाद राजनीतिक दलों की निगाहें बुधवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। वोटिंग प्रतिशत कम होने की वजह से कोई भी दल जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। भाजपा नेता दबी जुबान में मान रहे हैं कि कई वार्ड में आम आदमी पार्टी (आप) के पक्ष में माहौल दिख रहा था। जबकि आम आदमी पार्टी (आप) नेता मतदाताओं के घर से नहीं निकलने से चिंतित हैं। इस मसले में कांग्रेस नेता काउंटिग के दिन तक के इंतजार की नसीहत दे रहे हैं। हालांकि, तीनों राजनीतिक दल टक्कर कांटे की मान रहे हैं। साथ ही यह बता रहे हैं कि हार-जीत का अंतर भी बेहद मामूली रहने के आसार हैं। उधर, पार्टी प्रत्याशी वार्ड स्तर पर सोमवार दिन भर जीत-हार का गुणा-गणित कर लगाते दिखे।
एमसीडी चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा खेमा बहुमत हासिल करने के दावे से बच रहा है। 125 सीट हासिल होने को लेकर पार्टी नेता आश्वस्त नहीं हैं। किसी के पास ऐसा कोई जादुई आंकड़ा नहीं है। हालांकि, इतना जरूर कहा जा रहा है कि अगर किसी को बहुमत नहीं मिलता और उनकी सीटें 110 के करीब रहती हैं तो उनकी सत्ता में वापसी हो जाएगी। भाजपा नेताओं का तर्क है कि सीटों के बंटवारे के बाद कार्यकर्ताओं में असंतोष था। इतना ही नहीं, वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की वजह से कोर वोटर मतदान नहीं कर सके। जबकि सूची देखने के लिए पंच परमेश्वर को जिम्मेदारी दी गई थी। उधर, यह भी माना जा रहा है कि व्यापारियों के एक बड़े वर्ग ने आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया है।