बद्दी: नकली दवा बनाने वाले गिरोह में और लोगों के शामिल होने की आशंका, कई जगह छापामारी

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नकली दवा(सांकेतिक)

नकली दवा(सांकेतिक)
– फोटो : संवाद

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नकली दवा बनाने वाले गिरोह में और लोगों के शामिल होने की आशंका है। इन तक पहुंचने के लिए दवा नियंत्रण विभाग ने मंगलवार को बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ (बीबीएन) में छापामारी अभियान चलाया पर कोई भी हत्थे नहीं चढ़ा।  
ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि इस गिरोह में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। विभाग जल्द ही इन तक पहुंचेगा। बद्दी से नकली दवा बनाकर उत्तर प्रदेश के आगरा भेजने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी मोहित बंसल और तीन अन्य आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 

बीते 2 नवंबर को दवा नियंत्रण विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश नंबर की गाड़ी पकड़ी थी। इसमें नामी कंपनियों की दवाइयां थीं। इसके बाद टीम ने एक गोदाम और एक कंपनी को सील कर दिया था। विभाग ने मोहित बंसल के आगरा में मेडिकल स्टोर से 500000 रुपये की दवाई पकड़ी थी। कोरियर से आगरा भेजी गई करीब 28 लाख की दवाएं विभाग ने अपने कब्जे में ली थी। इनके सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। 

 8 दिसंबर तक जवाब नहीं आया तो उद्योग विभाग रद्द करेगा प्लॉट
बद्दी (सोलन)। उद्योग विभाग नकली दवा का निर्माण करने वाली ट्रेजल फार्मूलेशन कंपनी का 8 दिसंबर के बाद प्लॉट रद्द करने की कार्रवाई शुरू करेगा। विभाग ने बीते 2 दिसंबर को कंपनी को नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा है। मगर अभी तक कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। विभाग 8 दिसंबर तक जवाब का इंतजार करेगा। इसके बाद प्लॉट को रद्द करने की कार्रवाई शुरू होगी। इस कंपनी ने उद्योग विभाग को बिना सूचित किए इस प्लॉट को सराह इंटरप्राइजेज को सौंप दिया था, जिसमें नकली दवाएं बन रही थीं। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी ट्रेजल फार्मूलेशन और सराह इंटरप्राइजेज दोनों कंपनियों को नोटिस दिया है, लेकिन कंपनी सीज होने के कारण उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

कंपनी को सीज किया है और इसका संचालक न्यायिक हिरासत में है। ट्रेजल फार्मूलेशन कंपनी के संचालकों ने उद्योग विभाग से प्लॉट नंबर 21 को किसी अन्य कार्य के लिए लिया था, लेकिन यहां पर नकली दवाई बनाने का कार्य चल रहा था। यहां पर कच्चा माल और दवाई तैयार करने वाली मशीनें भी कब्जे में ली गई हैं। उद्योग विभाग के सहायक निदेशक टीआर शर्मा ने बताया कि विभाग ने कंपनी के कार्यालय और आरोपी के घर पर दोनों जगह नोटिस दिए हैं। 8 दिसंबर को नोटिस का समय पूरा हो रहा है। अगर निर्धारित समय तक नोटिस का जवाब नहीं दिया तो कंपनी का प्लॉट रद्द कर दिया जाएगा।

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नकली दवा बनाने वाले गिरोह में और लोगों के शामिल होने की आशंका है। इन तक पहुंचने के लिए दवा नियंत्रण विभाग ने मंगलवार को बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ (बीबीएन) में छापामारी अभियान चलाया पर कोई भी हत्थे नहीं चढ़ा।  

ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि इस गिरोह में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। विभाग जल्द ही इन तक पहुंचेगा। बद्दी से नकली दवा बनाकर उत्तर प्रदेश के आगरा भेजने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी मोहित बंसल और तीन अन्य आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 

बीते 2 नवंबर को दवा नियंत्रण विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश नंबर की गाड़ी पकड़ी थी। इसमें नामी कंपनियों की दवाइयां थीं। इसके बाद टीम ने एक गोदाम और एक कंपनी को सील कर दिया था। विभाग ने मोहित बंसल के आगरा में मेडिकल स्टोर से 500000 रुपये की दवाई पकड़ी थी। कोरियर से आगरा भेजी गई करीब 28 लाख की दवाएं विभाग ने अपने कब्जे में ली थी। इनके सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। 

 8 दिसंबर तक जवाब नहीं आया तो उद्योग विभाग रद्द करेगा प्लॉट

बद्दी (सोलन)। उद्योग विभाग नकली दवा का निर्माण करने वाली ट्रेजल फार्मूलेशन कंपनी का 8 दिसंबर के बाद प्लॉट रद्द करने की कार्रवाई शुरू करेगा। विभाग ने बीते 2 दिसंबर को कंपनी को नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा है। मगर अभी तक कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। विभाग 8 दिसंबर तक जवाब का इंतजार करेगा। इसके बाद प्लॉट को रद्द करने की कार्रवाई शुरू होगी। इस कंपनी ने उद्योग विभाग को बिना सूचित किए इस प्लॉट को सराह इंटरप्राइजेज को सौंप दिया था, जिसमें नकली दवाएं बन रही थीं। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी ट्रेजल फार्मूलेशन और सराह इंटरप्राइजेज दोनों कंपनियों को नोटिस दिया है, लेकिन कंपनी सीज होने के कारण उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

कंपनी को सीज किया है और इसका संचालक न्यायिक हिरासत में है। ट्रेजल फार्मूलेशन कंपनी के संचालकों ने उद्योग विभाग से प्लॉट नंबर 21 को किसी अन्य कार्य के लिए लिया था, लेकिन यहां पर नकली दवाई बनाने का कार्य चल रहा था। यहां पर कच्चा माल और दवाई तैयार करने वाली मशीनें भी कब्जे में ली गई हैं। उद्योग विभाग के सहायक निदेशक टीआर शर्मा ने बताया कि विभाग ने कंपनी के कार्यालय और आरोपी के घर पर दोनों जगह नोटिस दिए हैं। 8 दिसंबर को नोटिस का समय पूरा हो रहा है। अगर निर्धारित समय तक नोटिस का जवाब नहीं दिया तो कंपनी का प्लॉट रद्द कर दिया जाएगा।



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