Land For Jobs: अमित कात्याल की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित; ED ने धन शोधन मामले में किया था गिरफ्तार

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Bihar News: Land for job money laundering case, Court reserves order on interim bail plea of Amit Katyal

कोर्ट मामले में पांच फरवरी को सुनवाई करेगा
– फोटो : अमर उजाला

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देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू अदालत ने शनिवार को व्यवसायी अमित कात्याल की अंतरिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। कात्याल को ईडी ने नौकरी के बदले मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। उन्होंने मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की थी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने अमित कात्याल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। उनके आवेदन का ईडी के विशेष वकील जोहेब हुसैन के साथ वकील मनीष जैन ने विरोध किया। अदालत इस याचिका पर पांच फरवरी को फैसला सुनाएगी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस साल आठ जनवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट के समक्ष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अभियोजन शिकायत (पीसी) दर्ज की थी। उसमें अमित कात्याल, राबड़ी देवी, मीशा भारती, हेमा यादव, हृदयानंद चौधरी और दो कंपनियों (एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड तथा एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) को आरोपी बनाया गया था। उसके बाद कोर्ट ने 27 जनवरी को पीसी का संज्ञान लिया और आरोपी व्यक्तियों तथा संस्थाओं को आगे की सुनवाई के लिए नौ फरवरी को उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया।

जानकारी के मुताबिक, ईडी ने नौकरी के बदले जमीन घोटाले से संबंधित सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव 2004-2009 की अवधि के दौरान भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के विकल्प की नियुक्ति के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त थे। एफआईआर के अनुसार, उम्मीदवारों को भारतीय रेलवे में नौकरी के बदले रिश्वत के रूप में भूमि हस्तांतरित करने के लिए कहा गया था। इसे लेकर सीबीआई ने आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है।

वहीं, ईडी ने यह आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्य राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव पीसी में आरोपी हैं। इन लोगों ने नाममात्र राशि के लिए उम्मीदवारों (जिन्हें भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के विकल्प के रूप में चुना गया था) के परिवार से भूमि पार्सल हासिल किए थे। पीसी में एक अन्य आरोपी हृदयानंद चौधरी (राबड़ी देवी की गौशाला के एक पूर्व कर्मचारी) ने एक उम्मीदवार से संपत्ति अर्जित की थी। फिर बाद में उसे हेमा यादव को हस्तांतरित कर दिया था।

ईडी ने एक बयान में कहा कि एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड मुखौटा (फर्जी) कंपनियां थीं। उन्हें लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों के लिए अपराध से अर्जित धन मिला था।

इसमें आगे कहा गया है कि उक्त कंपनियों में प्रमुख लोगों द्वारा अचल संपत्तियां अर्जित की गईं। फिर उसके बाद नाममात्र राशि के लिए शेयर लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों को हस्तांतरित कर दिए गए। अमित कत्याल लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए इन कंपनियों का प्रबंधन करते थे।

इससे पहले, ईडी ने 10 मार्च 2023 को तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपये की नकदी और लगभग 1.25 करोड़ रुपये के बराबर कीमती सामान जब्त किया गया था। ईडी ने अनंतिम रूप से 29 जुलाई 2023 को 6.02 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी कुर्क की है। बयान में कहा गया है कि ईडी ने जानबूझकर लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को मनी लॉन्ड्रिंग में मदद करने के आरोप में 11 नवंबर 2023 को अमित कात्याल को गिरफ्तार किया था।

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