टाइम पत्रिका ने वोलोदिमीर जेलेंस्की को ‘द स्पिरिट ऑफ यूक्रेन’ और ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ किया घोषित

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नई दिल्ली : 24 फरवरी 2022 से अब तक लगातार रूस के साथ युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को अमेरिका की प्रमुख पत्रिका ‘टाइम’ ने ‘द स्पिरिट ऑफ द यूक्रेन’ की उपाधि देते हुए साल 2022 का ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ घोषित किया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो दुनिया भर में विख्यात अंग्रेजी की प्रमुख पत्रिका ‘टाइम’ ने रूस की सैन्य कार्रवाई के सामने प्रतिरोध की क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए जेलेंस्की को ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ घोषित किया है. हालांकि, बता दें कि अमेरिका यूक्रेन को नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि) में शामिल करने के लिए प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रूस के खिलाफ यूक्रेन को आर्थिक और सामरिक तौर पर मदद कर रहा है.

24 फरवरी 2022 से रूस के साथ युद्ध लड़ रहा यूक्रेन

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कीव में बने रहने और 24 फरवरी 2022 से चल रहे युद्ध के बीच अपने देश में सामना करने के फैसले को भाग्यपूण बताते हुए टाइम पत्रिका के प्रधान संपादक एडवर्ड फेलसेंथल ने कहा कि इस साल का फैसला अब तक की याद में सबसे स्पष्ट कष्ट था. बता दें कि 24 फरवरी 2022 से रूस द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई के बाद से ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमी जेलेंस्की ने न केवल यूक्रेन के लोगों को बल्कि दुनिया भर के नागरिकों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए सरकारों से लगातार बातचीत की. वे लगातार सुर्खियों में बने रहे और हाल ही में जब यूक्रेन ने रूस को महत्वपूर्ण दक्षिणी शहर से पीछे धकेलने खेरासन की सड़कों पर जश्न मनाया.

जेलेंस्की ने खुद को रूस के खिलाफ झोंक रखा है

टाइम पत्रिका के प्रधान संपादक एडवर्ड फेलसेंथल ने साल 2022 के पर्सन ऑफ द ईयर के विजेता की घोषणा करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए खुद को पूरी तरह से रूस की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ झोंक रखा है. इसके साथ ही, रूस की ओर से सैन्य कार्रवाई की शुरुआत करने के बाद से ही उन्होंने वैश्विक समुदाय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यूक्रेन के लोगों की आवाज को बुलंदी के साथ रखा है. यूक्रेन पर युद्ध थोपने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कड़ी निंदा करने के साथ उन्हें हमलावर करार दिया.

रूसी सैनिकों के कब्जे से खेरासन को कराया आजाद

इसके साथ ही, एडवर्ड फेलसेंथल ने यह भी कहा कि रूसी सैनिकों की ओर से आक्रामक हमले किए जाने के बावजूद जेलेंस्की लगातार अपने सैनिकों के बीच जाते रहे. इतना ही नहीं, वे अपने ही देश में रेलगाड़ी से सफर करते हैं और इस दौरान भी युद्ध की अपडेट पर नजर रखते हैं. टाइम ने अपने लेख में जेलेंस्की के खेरासन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में इस क्षेत्र को रूस के सैनिकों के कब्जे से आजाद कराया.

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