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नकली दवाएं(सांकेतिक)
– फोटो : संवाद
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नकली दवा मामले में नामी कंपनियों ने ड्रग विभाग को लिखित जवाब सौंप दिए हैं। इसमें बताया गया है कि उन्होंने अभी तक इस तरह की दवाएं नहीं बनाई हैं। बीबीएन की जिन नामी कंपनियों के नाम पर आरोपी मोहित बंसल और उसके सहयोगी दवा बना रहे थे, उन कंपनियों ने ड्रग विभाग को लिखित में सूचना दी थी। बद्दी में ट्रेजल फार्मूलेशन के नाम पर फर्जी कंपनी के नाम से नकली दवा बनाने वाले मोहित बंसल, अतुल गुप्ता और अजय कौशल ने जेड्स हेल्थ केयर, यूएसवी, सिपला और इफका जैसी बड़ी कंपनियों के नाम का गलत प्रयोग किया।
ड्रग विभाग ने पहले दिन दबिश के दौरान यूपी नंबर की कार से दवाई पकड़ी तो उसमें इन्हीं कंपनियों की दवाई भरी हुई थी। इसकी सप्लाई आरोपी यूपी में भेज रहा था। दवाओं के नाम देखते हुए विभाग ने इन सभी कंपनियों के पदाधिकारियों को मौके पर बुलाया और इन सभी संचालकों ने पकड़ी गई दवा को अपनी मानने से इंकार किया था। विभाग ने लिखित में भी इन सभी कंपनियों को सूचना दी थी। अब इन सभी दवा कंपनियों ने अपने जवाब विभाग को सौंप दिए हैं। उधर, राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने इसकी पुष्टि की है।
कोरियर से उत्तर प्रदेश भेजी गईं 40 लाख की नकली दवाइयां पकड़ीं
राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण की टीम ने हाल ही में सोलन के बद्दी से कोरियर से उत्तर प्रदेश भेजी गईं 40 लाख की नकली दवाइयों को पकड़ा है। गिरोह इन्हें कोरियर के जरिये ठिकाने लगाने की तैयारी में था। फर्जी बिल ट्रेस करने पर टीम को पता चला कि कोरियर के माध्यम से भी नकली दवाइयों की सप्लाई हुई है। यह कोरियर आगरा के लिए भेजा गया है। नकली दवा कारोबार के इस मामले में भले ही आगरा का मुख्य आरोपी मोहित बंसल हिरासत में है, लेकिन गिरोह दवाओं को ठिकाने लगाने में लगा है। उधर, प्रदेश सरकार ने बद्दी में हाल ही में पकड़ी गई नामी कंपनियों के नाम पर तैयार नकली दवाओं को लेकर देश भर में अलर्ट जारी किया है।
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